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15 साल भाजपा के शासनकाल में अशुद्ध हो चुकी मप्र की शिक्षा व्यवस्था की शुद्धिकरण के लिए NSUI ने खोला मोर्चा*
February 6, 2020 • Vijay sharma

 

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी के नेतृत्व में मप्र की कांग्रेस सरकार लगातार विभिन्न क्षेत्रों के माफियाओ पर सख्त कार्यवाही कर रही है,इसी कड़ी में NSUI ने मुख्यमंत्री महोदय का ध्यान शिक्षा माफिया की ओर आकर्षित किया है जिस से मप्र के हर अभिभावक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पीड़ित है हम बात करे स्कूल से ले कर उच्च शिक्षा या रोजगार तक विगत सरकार में ये माफिया मप्र के नागरिकों का शोषण कर रहा है।मप्र NSUI ने विपक्ष में इन माफियाओ से हर स्तर पर लड़ाई लड़ी है,जिसके चलते मप्र के छात्र एव युवाओं व उनके परिवारों ने प्रदेश में कांग्रेस को चुना,अब NSUI का कर्त्तव्य है की वो इन शिक्षा माफियाओ से प्रदेश के शैक्षणिक परिसरों को मुक्त करवाये,इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए NSUI द्वारा भोपाल से शिक्षा माफियाओ के खिलाफ मुहिम शुरू की जा रही है।जिसमे प्रमुख रूप से स्कूल,उच्च शिक्षा,तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा,निजी विश्विद्यालय, फीस कमेटी,कौशल विकास,कॉलेज का फर्जीवड़ा,छात्रवर्ती घोटाला,कोचिंग संस्थाओ की मनमानी,कृषि विवि,विधि सकय, पत्रकारिता विवि,वेटनरी विवि की अनियमिताओं को खोज के इनमे सुधार किया जाएगा।हम मुख्यमंत्री महोदय से आग्रह कर एक कमेटी बनाये जाने की मांग करंगे जिसमे अध्यक्ष के रूप में स्वयं मुख्यमंत्री महोदय,मुख्यसचिव, बाला बच्चन(तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग),जीतू पटवारी(उच्च शिक्षा एवं खेल विभाग),डॉ विजय लक्ष्मी साधौ( चिकित्सा शिक्षा विभाग), प्रभुराम चौधरी( स्कूल शिक्षा विभाग), सचिन यादव(कृषि विवि विभाग) लाखन यादव (वेटनरी विवि) पी सी शर्मा (विधि एवं पत्रकारिता विभाग ) को सदस्य बनाये जाने की मांग की जा रही है।
NSUI इस कमेटी के माध्यम से राज्य के हर उस शिक्षा माफियाओ जिन्होंने प्रदेश के अभिभावकों का खून चूसने का काम किया है,जिनके ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही करवाएगी जिन्होंने स्कूल में ड्रेस और किताबो के नाम पर ,कोचिंग संस्थाओ में फीस और सिलेक्शन के नाम पर,कॉलेज में डोनेशन से डिग्री के नाम पर या फिर रोजगार के नाम पर प्रदेश के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से मोटी कमाई की है,ऐसे माफियाओ को चिन्हित कर इन सभी को सजा दिलवाने के बीड़ा उठाया है।