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15 वर्षों से लोकायुक्त में प्रतिनियुक्ति पर मुख्य अभियंता, पीएचई क्यों मेहरबान जोहरी पर
August 25, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

3 साल के लिए होती है प्रतिनियुक्ति,केसे बड़ाई गई इनकी सेवाएं 
भोपाल ।  प्रदेश लोकायुक्त में विगत 14 वर्षों से लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग  के कार्यपालन यंत्री से पदोन्नत होकर मुख्य अभियंता के रूप से प्रतिनियुक्ति पर रहते अपनी सेवाएं दे रहे है। प्रतिनियुक्ति पर रहते पदोन्नति केसे हुई,। मूल विभाग में अभी तक वापसी क्यों नहीं की गई।  लोकायुक्त की इतनी मेहरबानी क्यों है। 
मध्यप्रदेश लोकायुक्त में पीएचई विभाग से अधीक्षण यंत्री प्रतिनियुक्ति पर 14 वर्ष  की सेवाएं  देते हुए पदोन्नति के साथ बतौर  मुख्य अभियंता  पदस्थ है। जबकि  नियुक्ति 3 वर्ष के लिए ही वेध है। जिस पर आज दिन तक ना मूल विभाग में वापसी हुई ऑर ना ही लोकायुक्त ने  इन्हें वापस भेजने की जहमत उठाई। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेश का सबसे मुख्य विभाग लोकायुक्त जो की स्वयं ही भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत के आधार पर जांच की कार्य वाही करता है। ऑर इस विभाग के भय से कोई भी गलत कार्य करने डरता है। लेकिन जिस विभाग में नियम को ताक पर रख कर प्रतिनियुक्ति से आए अधिकारी की सेवाएं बढ़ाते चले आ रहे है।यह मेहरबानी इं पर ही क्यों की जा रही है।जबकि  किसी भी अधिकारी कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति 3 साल से अधिक के लिए है ही नहीं, स्वयं ही अपने मूल विभाग में वापस हो जाती हैं। वहीं किसी अधिकारी की पदोन्नति भी उसके मूल विभाग में रहते हुए ही दी जा सकती है। लेकिन उनकी पदोन्नति प्रतिनियुक्ति पर लोकायुक्त में रहते होती रही वह भी एक नहीं दो दो पदोन्नति हुई। यह केसे संभव है।  यह कोई और  नहीं लोक  स्वास्थ्य  यांत्रिक  विभाग के एनएस जोहरी  मुख्य  अभियंता  हैं । इनपर दोनों विभाग की कृपा दृष्टि बनी हुई है। क्या लोक  स्वास्थ्य  यांत्रिक  विभाग में इनसे काबिल इंजीनियर नहीं है।या फिर लोकायुक्त को दूसरा इंजीनियर प्रतिनियुक्ति पर नहीं मिलेगा। सब कुछ हो सकता है। लेकिन प्रदेश का एक बड़ा विभाग है जहां पर इंजीनियरों की भरमार है फिर दूसरे इंजीनियर को क्यों नहीं भेजा गया। वहीं लोकायुक्त ने इन्हें वापस करते हुए दूसरे इंजीनियर की मांग क्यों नहीं की।क्या लोक  स्वास्थ्य  यांत्रिक  विभाग में इनसे ज्यादा काबिल नहीं। जब प्रतिनियुक्ति 3 साल के लिए ही होती है। तो फिर किस्तरह से यह जमीन हुए हैं। जब  एनएस जोहरी अपने मूल विभाग में वापसी ही नहीं हुई फिर लगातार दो पदोन्नति किस तरह हो गई। क्या इसमें भी लोकायुक्त  में बैठे अधिकारियों का स्वार्थ नहीं तो फिर वापसी की कारवाही क्यों नहीं की गई।  लोक  स्वास्थ्य  यांत्रिकी  विभाग के द्वारा लोकायुक्त व आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा  इनकी संपत्ति की जांच की जाना चाहिए।साथ ही इनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर मूल विभाग को सेवाएं वापस की जाना  चाहिए।

प्रदेश के कई अधिकारी रहते हैं सहमे
सूत्रों अनुसार लोक  स्वास्थ्य  यांत्रिकी  विभाग में  वर्तमान में मुख्य अभियंता एनएस जोहरी से उनके विभाग के अधिकारी कर्मचारी डरे सहमे रहते है। उसका मुख्य कारण इनकी 14 वर्षों से लोकायुक्त में पदस्थ रहना है।  जिससे उनकी लोकायुक्त में छोटे से बड़े अधिकारी से नजदीकियां होना है। वहीं यह  दोनों विभागों के बीच शिकायत को लेकर मध्यस्ता निभाते हैं । जो भी इनकी बात नहीं मानता उसके खिलाफ जांच की धमकी भी दी जाती है।

दूसरों के अधिकारों का हनन
जिस तरह से  एन एस जोहरी या कोई ऑर भी किसी विभाग में इतना लंबा कार्यकाल प्रतिनियुक्ति में रहकर अपनी सेवाएं देता है तो जाहिर सी बात है कि जो दूसरे अधिकारी अपनी प्रतिनियुक्ति का इंतजार करते हुए सेवामुक्त हो जाते है इस तरह से उनके अधिकारों का हनन भी होता है।