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7 माह से वेतन की मार , अब साथ में कोरोना लॉक डाउन की मार,
April 11, 2020 • Admin

कर्मचारियों को नहीं मिला सात माह से वेतन-भूखों मरने की नौबत

भोपाल। मप्र आदिम-जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रोफेसर कालोनी में अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास संचालित है जिसमें रसोइया (कुक) और चौकीदार के पदों पर 10 नियमित कार्यभारित कर्मचारी सेवारत हैं जिनमें 8महिला और 2पुरुष कर्मचारी हैं। उक्त अल्पवेतनभोगी तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विगत 7 माह से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। जबकि वे अपनी संवेदनशील ड्यूटी निरंतर कर रहे हैं।मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजी. सुधीर नायक कहा कि कर्मचारियों ने लाक डाउन होने से पहले मुझसे संपर्क किया था। उसके बाद मेने प्रमुख सचिव, आदिम-जाति कल्याण विभाग और उपसचिव, आदिम-जाति कल्याण को कई पर पत्र दिए गए।उस समय भोपाल जिले के उनके विभागीय अधिकारियों ने वेतन हैड चेंज होने का तकनीकी कारण बताया था और शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन 7 माह बाद भी आज तक वेतन भुगतान नहीं हुआ और उक्त कर्मचारियों के परिवार भूखों मरने की कगार पर आ गये हैं।लाक डाउन के कारण उक्त कर्मचारियों की स्थिति और अधिक संकटपूर्ण हो गई है। अनिवार्य जरूरतों का सामान भी नहीं है और खरीदने के लिए पैसे भी नहीं हैं।श्री नायक ने कहा कि अल्पवेतनभोगी तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का 7 माह का वेतन भुगतान कर अगले महीने से नियमित वेतन किया जाए।