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आईएसआई जासूस बताने वाले भाजपा नेताओं को भेजूंगा मानहानि का नोटिस: दिग्विजय सिंह
February 20, 2020 • Vijay sharma
नई दिल्ली। भाजपा नेताओं द्वारा आईएसआई हैंडलर बताए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भड़क गए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि भाजपा के प्रवक्ता नरसिम्हा राव और अमित मालवीय ने मुझपर आईएसआईएस का हैंडलर होने का आरोप लगाया है। अगर ऐसा है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह अक्षम हैं क्या, मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? मैं उन दोनों को मानहानि का नोटिस भेजूंगा।
भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने बुधवार को कहा था कि हम कांग्रेस के हिंदू आतंक के विचार और लश्कर और आईएसआई की 26-11 की रणनीति के बीच एक रिश्ता देखते हैं। क्या भारत का कोई व्यक्ति आईएसआई को आतंकवादियों को हिंदू पहचान दिलाने में मदद कर रहा है? क्या दिग्विजय सिंह हैंडलर के रूप में काम कर रहे थे? इसका जवाब देना चाहिए।
इससे पहले भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा था। मालवीय ने दिग्विजय सिंह का एक वीडिया शेयर किया और लिखा, 26-11 के आतंकी हमले के तुरंत बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बॉलीवुड के चीयरलीडर्स के साथ एक बुक लॉन्च पर आरएसएस को दोषी ठहराया था और कहा था कि इस किताब में कहीं भी आप 26-11 में पाकिस्तानी आतंकवादियों की संलिप्तता नहीं देख सकते। उन्होंने वही कहा जो पाकिस्तान चाहता था?
मोदी-शाह अयोग्य जो मुझे गिरफ्तार नहीं करवा रहे: दिग्विजय
मारिया की पुस्तक लैट मी से इट नाव में हिंदू आतंकवाद की साजिश वाले खुलासों के बाद बीजेपी नेताओं ने दिग्विजिय सिंह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का गुप्तचर बता दिया था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर वह आईएसआई के गुप्तचर हैं तो उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आगे कहा, अगर ऐसा है तो पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बिल्कुल अयोग्य हैं क्योंकि वो उन्हें गिरफ्तार नहीं करवा सके हैं।
कांग्रेस नेताओं पर हिंदू आतंकवाद टर्म गढऩे का आरोप
दरअसल, बीजेपी नेताओं ने दिग्वजिय सिंह पर इसलिए निशाना साधा था क्योंकि सिंह ने मुंबई हमले के लिए आरएसएस पर ऊंगली उठाई थी और बजरंग दल पर आईएसआई से पैसे लेने का आरोप लगाया था। वैसे भी, दिग्विजय के अलावा यूपीए सरकार में गृह मंत्री रहे कांग्रेस नेता सुशील शिंदे और पी. चिदंबरम पर भगवा आतंकवाद या हिंदू आतंकवाद का टर्म गढऩे और आतंकवाद में हिंदुओं की भी संलिप्तता गलत तरीके से साबित करने की कोशिश करने के आरोप लग चुके हैं।
क्यों भड़के दिग्विजय?
मालवीय ने कहा था, 26/11 टेरर अटैक के तुरंत बाद कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह के साथ कुछ बॉलिवुड हस्तियों ने एक किताब का लोकार्पण किया था जिसमें आरएसएस पर आरोप जड़े गए थे। उन्होंने कहा, उस किताब में कहीं पर भी पाकिस्तानी आतंकवादियों के हाथ होने की आशंका तक जाहिर नहीं की गई थी। उन्होंने वही कहा जो पाकिस्तान उनसे कहलवाना चाहता था। यह बात सच है कि दिग्विजिय सिंह ने 26/11 आरएसएस की साजिश? नाम से प्रकाशित पुस्तक को लोकार्पण के वक्त कहा था, इस किताब में कहीं भी आप 26/11 में पाकिस्तानी आतंकवादियों का हाथ नहीं देख सकते हैं।
बचाव में उतरे अधीर चौधरी
अब दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव और पार्टी की मीडिया सेल के चीफ अमित मालवीय को मानहानि का नोटिस भेजेंगे। इधर, लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के प्रतिनिधि अधीर रंजन चौधरी ने हिंदू टेरर को लेकर उठ रहे सवालों पर पार्टी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि जब हिंदू टेरर टर्म सामने आया तब पूरी पृष्ठभूमि कुछ वैसी ही थी। उन्होंने मक्का मस्जिद में बम धमाके और प्रज्ञा ठाकुर की गिरफ्तारी एवं अन्य हिंदुओं की गिरफ्तारी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमेशा धोखा देते हैं और हमले में अपनी असली पहचान छिपा लेते हैं।
12 वर्षों तक क्यों चुप रहे मारिया: कांंग्रेस
उज्जवल निकम के समर्थन के बीच कांग्रेस पार्टी ने सवाल किया कि हिंदू आतंकवाद की साजिश वाली बात को मारिया ने 12 वर्षों तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया? पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने मारिया के दावे के बारे में पूछे जाने पर कहा, राकेश मारिया साहब, जब 26/11 का घिनौना आंतकवादी हमला हुआ था, उस दौरान मुंबई पुलिस में आला पद पर थे। ऐसे में उन्होंने ये बात पिछले 12 वर्ष में सार्वजनिक क्यों नहीं की? यह जांच प्रक्रिया और अदालती प्रक्रिया का भाग क्यों नहीं बना? उन्होंने कहा कि इन सवालों के जवाब मारिया को देने चाहिए।