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आर्थिक तंगी के चलते अतिथि विद्वान तकनीकी ने की आत्म हत्या
July 19, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपााल । प्रदेश के पन्ना जिले के पवई पॉलीटेक्निक कॉलेज में पदस्थ अतिथि विद्वान ने आर्थिक तंगी के चलते आत्म हत्या करने की जानकारी मिली है। प्राप्त जानकारी अनुसार हो वृंदावन प्यासी अतिथि विद्वान पॉलिटेक्निक कॉलेज पवई जिला पन्ना में विगत कई वर्षों से कंप्यूटर साइंस के इंजीनियर पद पर पदस्थ थे शासन के नियमानुसार प्राप्त आदेशों में सत्र 18-19, 19-20 में कार्यरत अतिथि विद्वानों को पुनः नियुक्ति आदेश प्राप्त होता था । और उन्हें संस्था में पुनः कार्य के लिए आमंत्रित किया जाता था परंतु वर्ष सत्र 2020- 21 के लिए संचालनालय तकनीकी शिक्षा एवं मंत्रालय तकनीकी विभाग से पुनः नियुक्ति आदेश की प्रक्रिया जारी नहीं हुई । इसके बावजूद भी पवई पॉलिटेक्निक कॉलेज के  प्राचार्य  अरविंद त्रिपाठी ने   संचालनालय के पूर्व आदेश के विरुद्ध अपने स्तर पर इंटरव्यू प्रक्रिया के साथ छटनी प्रक्रिया बनाते हुए जिसमे स्वयं के 14 ऐसे पॉइंट रखे गए जिसमें अतिथि विद्वान पालन करने में असमर्थ होने के साथ उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की बात कही गई । जो किसी भी तरीके से संवैधानिक प्रतीत नहीं होता । अतिथि   वृंदावन प्यासी 13 तारीख को अस्वस्थ होने की अवस्था में अपने मेडिकल सर्टिफिकेट लेकर अपने पिताजी के साथ प्रिंसिपल के समक्ष प्रस्तुत हुए तथा अपनी अवस्था से  अवगत कराया परंतु प्राचार्य द्वारा एक नहीं सुनी गई और प्राचार्य की पूर्व आदेश जिसमें इंटरव्यू की प्रक्रिया पीपीटी बना कर जमा करना ।चयन  मुख्य आधार था असमंजस में पड़े  अतिथि विद्वान  वृंदावन तिवारी ने मानसिक प्रताड़ना के कारण एवं कोविड-19 के रोकथाम एवं बचाव के लिए 16 मार्च से शैक्षणिक कर बंद होने के साथ आर्थिक तंगी से जूझ रहे अतिथि विद्वान को अपनी नौकरी का खतरा महसूस हुआ तब उन्होंने इंटरव्यू टेस्ट मे उपस्थित होने के बाद घर जाकर रात्रि में जहरीला तरल पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली । तकनीकी शिक्षा 2004 की शोषणकारी व्यवस्था जिसमें 11 माह का आदेश दिया जाता है एवं 6 माह का  ₹400 प्रति कालखंड शैक्षणिक भुगतान किया जाता है इस शोषणकारी व्यवस्था से तंग आकर प्रदेश के इंजीनियर एवं शोषित शिक्षक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ आशीष खरे ने इस गंभीर संगीन अपराध के लिए डीटीई एवं  संस्था प्राचार्य की मनमानी के चलते ऐसे शोषणकारी आदेश पारित किए जाते हैं जो कहीं से कहीं तक  संवैधानिक नहीं है एवं भ्रष्टाचार को आमंत्रित करते हैं मैं  मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि इस व्यवस्था के लिए अपना हस्तक्षेप करते हुए प्रमुख सचिव संचालनालय तकनीकी  शिक्षा  कठोर कार्रवाई करे तथा इसे अपने संज्ञान में ले साथ ही प्रांतीय तकनीकी अतिथि एवं संविदा प्राध्यापक महासंघ के अध्यक्ष श्री देवांश जैन अपील करते हैं कि इस  आत्महत्या की जांच सीबीआई से कराकर एक शिक्षक के सम्मान को बनाए रखा जाए ।