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आत्म निर्भर भारत के लक्ष्यों की पूर्ति समय सीमा में करें : कियावत
October 16, 2020 • Admin

 

 

भोपाल । वेटनरी और को-ऑपरेटिव को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत जो लक्ष्य दिए गए हैं उन्हें 10 नवंबर तक पूरा करें अन्यथा संबंधित अधिकारियों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही की जाएगी । उक्ताशय के निर्देश आज संभागायुक्त शविंद्र कियावत ने ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए । श्री कियावत ने निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन की नियमित रूप से मानीटरिंग करें और सभी प्रकरणों का यथासंभव शीघ्र अति शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें । फसल बीमा के लंबित प्रकरणों का भी त्वरित गति से निराकरण करें ।

 

गौशाला सुव्यवस्थित, सुसंसाधित एवं क्रियाशील हों

 

संभागायुक्त श्री कियावत ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत गौशालाओं को सुव्यवस्थित और सुसंसाधित कर सही मायनों में संचालित करने के निर्देश दिए । आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के तहत प्रत्येक जिले में 100 गौशालाएं बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । गौशालाओं का मैनेजमेंट सही तरीके से हो । गौमूत्र का पेस्टिसाइड बनाने,गोबर को वर्मी कंपोस्ट बनाने या गोबर गैस बनाने में उपयोग का सारा प्रबंध सुनिश्चित किया जाए । साथ ही गोबर से गौकाष्ठ बनाने का सभी जिलों से प्रस्ताव मंगाए और गौशालाओं में गौकाष्ठ बनाने की मशीन के लिए गौ संवर्धन बोर्ड से कार्यवाही की जाए । श्री कियावत ने बंद पड़ी दुग्ध सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने तथा सभी समितियों में 10 प्रतिशत तक सदस्य संख्या बढ़ाकर सुचारू रूप से कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य में निष्क्रियता बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने कहा कि दुग्ध संकलन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए ।

 

सभी पशुपालकों को प्राथमिकता पर केसीसी दिलाएं

 

श्री कियावत ने निर्देश दिए कि सभी पशुपालकों को केसीसी दिलवाएं । जिला कलेक्टर, लीड बैंक अधिकारी एवं जिलों के अधिकारियों से मिलकर सभी स्तर पर समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाकर पशुपालकों को केसीसी दिलाये जाएं । 

 

पशुओं का बीमा और टीकाकरण करवाएं

 

संभागायुक्त श्री कियावत ने पशुपालन विभाग की विस्तृत समीक्षा की । उन्होंने कहा कि लक्ष्य पर न जाएं पशुओं का शत-प्रतिशत बीमा कराएं, पशुओं का बीमा कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, पशुपालक की नहीं । उन्होंने संयुक्त संचालक पशुपालन को जिलों का नियमित भ्रमण कर सभी योजनाओं के हितग्राहियों को पूरा लाभ दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए । कृत्रिम गर्भाधान के लिए उपयुक्त संख्या में प्रशिक्षित गौपालकों, गौसेवकों से कार्य करवाने के निर्देश भी दिए । उन्होंने कहा कि गौसेवकों को सक्रिय करें । उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि परिस्थितियां नहीं सुधरी तो सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें, शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।

 

*दुग्ध पार्लर की संख्या बढ़ाकर दुग्ध बिक्री बढ़ाई जाए*

 

संभागायुक्त ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादन ज्यादा है, बिक्री कम है इसके समाधान के लिए दुग्ध पार्लर की संख्या बढ़ाई जाए या विक्रेता को बिक्री हेतु प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव दिया जाए, चाहे वह रुपए के रूप में हो या उत्पाद के रूप में हो । दुग्ध उत्पादों को विकसित करने के लिए प्रचार प्रसार किया जाए ।

 

गौशालाओं को उत्पादक बनाएं

 

गौशालाओं को उत्पादकता से जोड़े, इसे कांजी हाउस ना बनाया जाए जहां सिर्फ पशुओं को लाकर बांध दिया जाता है । प्रत्येक गौशाला में क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए । श्री कियावत ने सख्त लहजे में कहा कि बारिश में एक भी आवारा पशु सड़क पर न घूमें, हाईवे के आवारा पशुओं को भी गौशालाओं में रखा जाए,आवारा पशुओं के कारण हाईवे पर दुर्घटनाएं होती हैं ।

 

सभी मत्स्य पालकों को केसीसी दिलवाएं

 

श्री कियावत ने मत्स्य पालन विभाग की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी मत्स्य पालकों को केसीसी दिलाएं, सभी को उत्पादन बढ़ाने के लिए विभाग का अमला प्रशिक्षण दें । सभी तालाबों की जियो टैगिंग ना होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की । मैदानी अमले की मीटिंग के निर्देश दिए । सभी मत्स्य पालकों को दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए । उन्होंने खनिज विभाग द्वारा अनुपयोगी बंद खदानों को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर लेने की कार्यवाही प्राथमिकता पर करने के निर्देश भी दिए ।

इस दौरान उद्यानिकी विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई और संयुक्त संचालक को लक्ष्य अनुरूप उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए गए ।