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अकृषि ऋण की वसूली में सहकारी बैंक तेजी लाएं
August 28, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपाल । सहकारी बैंकों की माली हालत सुधारने के लिए शीघ्र ही अकृषि ऋण की वसूली करें। संभाग में लंबित पड़े अकृषि ऋण की वस्तुस्थिति बैंकों की ऑडिट बैंलेंस शीट के माध्यम से तैयार करें। तत्काल ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार कर आरआरसी में प्रकरण दर्ज कर जिला कलेक्टरों (प्रशासक) से संबंधितों के खातें सीज करने की कार्यवाही करें। यह सख्त निर्देश संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संभाग के सभी जिलों के उपायुक्त सहकारिता सहित बैंक प्रबंधकों को दिए। इस मौके पर संयुक्त आयुक्त अनिल द्विवेदी, संभागीय उपायुक्त सहकारिता  विनोद सिंह, सीईओ दुग्ध संघ के.के.सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
श्री कियावत ने कहा कि प्राय: बैंकों का एनपीए अकृषि ऋण का लोगों द्वारा जमा नहीं करने से बढ़ा है इसलिए सभी सहकारिता अधिकारी और कर्मचारी बैंकों से ऐसे व्यक्तियों की सूची बनाकर कार्यवाही प्रारंभ करें। आगामी 30 सितम्बर तक ऐसे समस्त प्रकरणों का निराकरण करें। जिला कलेक्टर (प्रशासक) के माध्यम से सभी डिफाल्टरों की आरआरसी कराकर केस दर्ज करायें। जिससे सहकारी बैंकों के एनपीए में सुधार हो सके। बैठक में श्री कियावत ने जिला राजगढ़ और रायसेन में बैंक वसूली संतोषजनक नहीं पाये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही विदिशा जिले के सहकारिता अधिकारी की दो वेतन वृद्धि रोकने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश उपायुक्त सहकारिता विनोद सिंह को दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्य और लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।श्री कियावत ने संभाग के कृषि अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी कृषकों का प्रधानमंत्री फसल बीमा शत-प्रतिशत करायें। सभी संभाग के कृषि अधिकारी फसल बीमा का कव्हेरेज प्रत्येक किसान तक सुनिश्चित करें। उन्होंने 31 अगस्त तक हर हाल में कृषक बीमित हो जाएं अन्यथा संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। श्री कियावत ने कहा कि किसानों के लिये फसल बीमा अत्यंत जरूरी है। समितियाँ, बैंक, सहकारी संस्थाएं कृषकों के फसल बीमा आवेदनों को रात्रि में भी जमा एवं पंजीयन कराना सुनिश्चित करें। किसानों को समझाईश भी दें कि अपने फसल बीमा के लिये सहकारिता बैंक की नजदीकी शाखा में अपना प्रीमियम जमा करायें।