ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
अमेरिका में विदेशी छात्रों का वीजा नहीं होगा रद्द
July 16, 2020 • Admin

" alt="" aria-hidden="true" />

वाशिंगटन. अमेरिका में एक संघीय जिला अदालत के न्यायाधीश ने कहा कि ट्रंप प्रशासन 6 जुलाई के अपने आदेश को रद्द करने के लिए राजी हो गया है जिसमें उन अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के देश में रहने पर अस्थायी रोक लगाई गई थी, जो कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। इस आदेश के खिलाफ देशभर में आक्रोश और बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों द्वारा मुकद्दमा दायर किए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने यह आदेश पलट दिया है।

latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news latest news

प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय और मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) समेत कई शैक्षणिक संस्थानों ने होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) और अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) को उस आदेश को लागू करने से रोकने का अनुरोध किया, जिसमें केवल ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के देश में रहने पर रोक लगाने की बात की गई थी।
मैसाच्युसेट्स में अमेरिकी संघीय अदालत में इस मुकदमे के समर्थन में 17 राज्य और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के साथ ही गूगल, फेसबुक और माक्रोसॉफ्ट जैसी शीर्ष अमेरिकी IT कंपनियां भी आ गईं। बोस्टन में संघीय जिला न्यायाधीश एलिसन बरॉघ ने कहा, ‘‘मुझे पक्षकारों ने सूचित किया है कि उन्होंने एक फैसला किया है। वे यथास्थिति बहाल करेंगे।” यह घोषणा अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए राहत लेकर आई है, जिनमें भारत के छात्र भी शामिल हैं। अकादमिक वर्ष 2018-19 में अमेरिका में 10 लाख से अधिक अंतर्राष्ट्रीय छात्र रह रहे थे।
स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) के अनुसार जनवरी में अमेरिका के विभिन्न अकादमिक संस्थानों में 1,94,556 भारतीय छात्र पंजीकृत थे। न्यायाधीश बरॉघ ने कहा कि यह नीति देशभर में लागू होगी। सांसद ब्रैड स्नीडर ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कॉलेजों के लिए बड़ी जीत है। कई सांसदों ने गत सप्ताह ट्रंप प्रशासन को पत्र लिख कर अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर अपने आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया था।