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बाढ़ और कीटव्याधि से फसलों को हुए नुकसान का केन्द्रीय अध्ययन दल लिया जायजा
September 12, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपाल । बाढ़ और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने आए केन्द्रीय दल ने शुक्रवार को भोपाल संभाग के सीहोर और रायसेन जिले के प्रभावित ग्रामों का दौरान किया । रायसेन जिले में दल ने रायसेन, गैरतगंज और गौहरगंज तहसील के अनेक गांवों में जाकर फसलों को हुए नुकसान को देखा। केन्द्रीय दल ने किसानों से भी नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इधर सीहोर में नसरूल्लागंज और रेहटी तहसील के अनेक ग्रामों में पहुंचकर दल ने नुकसान का जायजा लिया । 
रायसेन जिले में अध्ययन दल ने लिया जायजा
फसलों के अलावा सड़कों, मकानों को हुए नुकसान की भी जानकारी ली। रायसेन पहुंचे केन्द्रीय दल में  सौरभ चन्द्र दुबे डायरेक्टर एनआरएलएम, हरिशंकर मिश्रा अपर आयुक्त (आईएएस) तथा सुमित कुमार सीनियर इंजीनियर आरआरडीए शामिल थे। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने जिले में बाढ़, अतिवर्षा से फसलों को हुए नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

केन्द्रीय दल ने रायसेन तहसील के ग्राम मेढ़की, पग्नेश्वर, धनियाखेड़ी, धौबाखेड़ी और मेहगांव में बाढ़ से सोयाबीन, धान आदि फसलों को हुए नुकसान को देखा। केन्द्रीय दल ने गैरतगंज तहसील के ग्राम आमखेड़ा तथा ग्राम किशनपुर में पंचायत भवन में किसानों और ग्रामीणों से चर्चा भी की । गौहरगंज तहसील के ग्राम पड़ोनिया तथा बबुलिया पवार में भी फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान अनेक किसानों ने बाढ़, कीट व्याधि से हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फसलों के साथ ही मकानों, पशुहानि, सामग्री आदि को हुए नुकसान की भी जानकारी ली। केन्द्रीय दल ने सड़कों को हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया। 

कलेक्टर ने बताया कि बाढ़ से कुल 55176.12 हैक्टेयर क्षेत्र की फसलों को नुकसान हुआ है। इससे 45210 किसान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 26107 हैक्टेयर में सोयाबीन तथा 16301 हैक्टेयर में धान की फसल प्रभावित हुई है। इसी प्रकार उड़द 2060 हैक्टेयर, मक्का 5695 हैक्टेयर, तुअर 3318 हैक्टेयर, तिल 471 हैक्टेयर तथा 1220 हैक्टेयर में मूंग की फसल प्रभावित हुई है। जबकि 111842 हैक्टेयर में सोयाबीन, 1541 हैक्टेयर में धान, 14444 हैक्टेयर में उड़द, 840 हैक्टेयर में मक्का तथा 3409 हैक्टेयर में मूंग फसल को नुकसान हुआ है। इसमें एक लाख 21 हजार 157 किसान प्रभावित हुए हैं । जिले में बाढ़ एवं अतिवर्षा से 9924 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 26 मकान(कच्चे-पक्के), गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त 838 मकान (कच्चे-पक्के), आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त (पक्के) 1447 मकान, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त (कच्चे) 6505 मकान, सम्पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 429 झोपड़ी तथा 179 पशुघर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सीहोर जिलों के ग्रामों में पहुंचा अध्ययन दल

इसी तरह सीहोर जिले में संयुक्त सचिव  आशुतोष अग्निहोत्री एवं नर्मदा घाटी संगठन जनशक्ति मंत्रालय के अधीक्षक अभियंता (समन्वय) मनोज तिवारी के दल ने अपनी टीम के साथ जिले में अतिवृष्टि, बाढ़ और कीट व्याधि से हुई फसल क्षति तथा अन्य नुकसान का निरीक्षण किया। इस मौके पर कलेक्टर अजय गुप्ता उपस्थित थे।  निरीक्षण दल द्वारा जिले के नसरुल्लागंज के सोनखेड़ी, चमेटी, छिदगांव काछी, नीलकंठ, सातदेव का निरीक्षण किया गया एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों से नुकसान की जानकारी ली। रेहटी अन्तर्गत ग्राम जाजना, नेहलाई में निरीक्षण दल द्वारा अतिवर्षा एवं बाढ़ से प्रभावित फसलों को देखा एवं क्षतिग्रस्त मकानों का भी अवलोकन किया तथा ग्रामवासियों से भी चर्चा की गई।
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