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बचई शुगर मिल के अपशिष्ठ के ठीक प्रबंधन न होने से विषैली हो गई नदी तालाब, मर गये समस्त जलीय जन्तु
February 17, 2020 • Vijay sharma
नरसिंहपुर की प्रमुख नदी सींगरी भी हो गई विषैली, 
मिल के जहर से जलीय, वन्य जीवों व जलस्त्रोंतों को बचाने सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार ग्रामीणों के साथ बैठेंगे धरने पर 
नरसिहपुर । महाकौशल शुगर मिल बचई द्वारा काफी लंबे समय से गन्ना खरीदी के कर शक्कर निर्माण किया जा रहा है। इस मिल प्रबंधन द्वारा मनमानी करते हुये इस गन्ना पिराई एवं शक्कर निर्माण के समय निकल अपशिष्ट एवं चिमनी से निकलने वाले धुंये के उचित प्रबंधन न किये जाने के कारण उसे खुले में छो? दिया जाता है। यह अपशिष्ट ठोस एवं द्रव के रूप में रहता है। जिससे ठोस अपशिष्ठ पदार्थ (मरी) जो कि काफी बदबूदार एवं नुकसानदाई होती है इसे मवेशी खाकर बीमार हो जाते हैं। इसके साथ कुछ ग्रामीणों ने बताया कि जहां पर इस अपशिष्ठ को फेंका जाता है कुछ समय के नियमित अंतराल के बाद उसमें आग भी लगा दी जाती है जिससे वहां इसे खाने आये मवेशी इस आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस जाते हैं। इसके साथ ही जो द्रवित अपशिष्ठ इस मिल से निकलता है उसे मिल प्रबंधन द्वारा बिना आसवन किये या बिना शुद्ध किये ही उसी रूप में जंगल की तलहटी में बनी अनेकों तालाब नुमा संरचनाओं में खुले रूप में ही छो? दिया जाता है। जिसे मवेशी सहित अन्य वन्य जीव भी इसे पीकर गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यहां पर आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि महाकौशल शुगर मिल बचई से निकलने वाला यह द्रवित अपशिष्ट इन तलैंयों से रिसकर जिले की महत्वपूर्ण नदी सींगरी में भी मिल रहा है इस नदी का पानी आगे जाकर ग्राम मेहमदपुर में बने एक तालाब में भी मिलता है। जिससे इस तालाब में कुछ समय पूर्व ब?ी मात्रा में छोटी ब?ी मछलियों सहित अन्य सभी जलीय जीव जन्तु जो इस तालाब और सींगरी नदी में मौजूद थे वे सभी मर गये हैं और यह जलीय संरचनाऐं बेहद ही जहरीली हो गई हैं अब इनमें कोई भी जलीय जीव-जन्तु शेष नही है। यहां पर ग्रामीणोने यह भी बताया कि इस तालाब में कुछ लोग अपने रोजगार के लिए मछली पालन करते थे। लेकिन कुछ दिन पूर्व इसमें जहरीले पानी के मिल जाने पर समस्त मछलियों के मर जाने के कारण हुये भारी नुकसान के कारण अब मछली पालन का कार्य बंद हो गया है। इस संबंध में बचई मेहमदपुर सहित अन्य ग्रामों के नागरिकों द्वारा मिल प्रबंधन एवं जल प्रदूषण बोर्ड सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें की गईं। लेकिन कागदी खानापूर्ति के आगे कोई  कार्यवाही नही हो पाई है जिससे ग्रामीणों ने अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पत्रकारों को इस संबंध में अपनी पी?ा जता मिल प्रबंधन एवं प्रशासन को चेताने के लिए धरना आज दिनांक 18फरवरी से मिल से सामने दिया जा रहा है। 
महाकौशल शुगर मिल्स बचई के द्वारा खुले में छो?े जाने जाने वाले अपशिष्ठों की शिकायतें आने के बाद पीएफए जिलाध्यक्ष भागीरथ तिवारी ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण भी किया एवं आसपास के ग्राम वासियों से जानकारी ली मिल प्रबंध सहित संबधित प्रशासन के अनेकों विभागों की भारी  लापरवाहियों उजागर हुई। इस प्रकार की लापरवाही पर श्री तिवारी ने भारी नाराजगी जताते हुये बताया कि इस मिल के द्वारा निकले द्रव एवं ठोस अपशिष्ठ को खुले में एवं बन सीमा के बिल्कुल लगकर उसकी तलहटी में संजोया जा रहा है जिससे वन भी प्रदूषित हो रहे, वन्य जीवों के साथ ही स्थानीय मवेशियों के स्वास्थ्य पर भी भारी प्रतिकूल दुष्प्रभाव प? रहे हैं। यहां की एक महत्वपूर्ण नदी सींगरी नदी जो के जिला मुख्यालय शहर के बीचों बीच से होकर प्रवाहित होती है उसके जल में भी इस मिल के जहरीले पानी के मिलनेके कार