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बगैर मान्यता के संचालित हो रहा है एमपी किड्स स्कूल
March 4, 2020 • Vijay sharma

परीक्षा से पहले ही स्कूल प्राचार्य ने लगाई मान्यता की गुहार 

अब भी खतरे में 500 बच्चों का भविष्य 

 इंदौर। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी किस कदर हावी है! इस बात का अंदाजा एरोड्रम स्थित एमपी किड्स स्कूल से लगाया जा सकता है! जहां अब भी बगैर मान्यता के स्कूल का संचालन हो रहा है! वही सालों से चल रहे स्कूल की अनियमितताओं पर शिक्षा विभाग ने अब तक संज्ञान नहीं लिया इसी का नतीजा है! कि अब मार्च में होने वाली परीक्षा के पहले ही 500 भविष्य बच्चों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है! अब सवाल यह उठता है कि जब स्कूल संचालक को मान्यता ही नहीं तो वह कैसे  बच्चों के भविष्य से अब तक खिलवाड़ कर रहे थे यह एक बड़ा सवाल है! आखिर क्यों शिक्षा विभाग के अफसरों ने अब तक इस मामले पर गंभीरता से कार्यवाही नहीं की मिली जानकारी के अनुसार मार्च में होने वाली परीक्षा को देखते हुए एमपी किड्स स्कूल की प्राचार्य श्रद्धा परदेसिया ने कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव से आवेदन देकर गुहार लगाई है! कि विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की मार्च में परीक्षा है! तथा लगभग 47 विद्यार्थी आर,टी,ई के अंतर्गत अध्ययनरत है!मान्यता जारी करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को आदेशित करें अब सवाल ये उठता है! कि अब भी अगर मान्यता नहीं मिली तो स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की मार्च में होने वाली परीक्षा में मिलने वाली अंकसूची की विधिवत मान्यता क्या होगी क्या स्कूल इसकी जवाबदारी लेगा कि बच्चों को मिलने वाली अंकसूची की विधिवत मान्यता होगी ,और जब मामला हाईकोर्ट में लंबित है! तो स्कूल प्राचार्य श्रद्धा परदेसी ने कलेक्टर को गुमराह करते हुए आवेदन को प्रस्तुत किया हाईकोर्ट में मामला होने से कलेक्टर भी इस संबंध में निर्णय लेने में सक्षम नहीं है! तो मान्यता मिलने का सवाल ही नहीं है

▪  कलेक्टर को गुमराह कर रही प्राचार्य

जब स्कूल संचालक और प्राचार्य ही कलेक्टर को दिए पत्र में बता रहे है! कि स्कूल की मान्यता ही नही है! तो स्कूल में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य को लेकर शिक्षा विभाग क्यों अनदेखी कर रहा है! शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर इस
गैर जिम्मेदाराना रवैये पर कलेक्टर को अतिशीघ्र कार्यवाही करनी चाहिए और सालों से बगैर मान्यता के संचालित हो रहे इस स्कूल को पुनः बंद करना चाहिए

▪  शिक्षा विभाग की लापरवाही

जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक इंदौर संभाग इंदौर संयुक्त संचालक विधि प्रकोष्ठ इंदौर संभाग इंदौर एक दूसरे पर जिम्मेदारी ढोल कर कार्यवाही करने से बच रहे हैं!और जिला शिक्षा अधिकारी ने डब्ल्यूपी 21० 26 के लिए जवाब प्रस्तुत कर दिया है फिर भी अधिवक्ता से मार्गदर्शन प्राप्त नहीं होने का बहाना बना रहे हैं अंकसूची की मान्यता नहीं होने से बच्चों का 1 वर्ष खराब होने जा रहा है!