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बसंत गृह निर्माण संस्था को पक्ष रखने का दिया अंतिम अवसर
July 26, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

उपायुक्त सहकारिता ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा*

 भोपाल। उपायुक्त, सहकारिता भोपाल ने नोटिस जारी कर बसंत गृह निर्माण संस्था के सभी सदस्यों को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया है। उन्होंने नोटिस जारी कर संस्था के सभी सदस्यों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। 

     जारी पत्र में उन्होंने अध्यक्ष, नुसरत जहां पत्नी  मोहम्मद फहीम, उपाध्यक्ष, मोहम्मद अबीद खान आत्मज  जब्बार खान उपाध्यक्ष,  सलेमान बैग आत्मज सुबहान बैग,  नावेद खान आत्मज आबिद, शाहीन अलीम खान आत्मज  अब्दुल अलीम खान,  इरशाद अहमद आत्मज अब्बू अहमद, मोहम्मद फारुख खान आत्मज मोहम्मद अहमद खान, इमरान अहमद आत्मज इरशाद अहमद, मोहम्मद फलान बैग आत्मज  सुलेमान बैग तथा  नूर उलसबाह पत्नी अहमद सिद्दीकी सभी बसंत गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित के सदस्य हैं। 

       नोटिस में उन्होंने बसंत गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल की भूमि के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करने द्वारा कार्यालय में दिनांक 24 जुलाई 2019 को उपस्थित होकर तीन बिंदुओं पर जानकारी चाही गई थी किंतु आज दिनांक तक इनके द्वारा कोई जानकारी कार्यालय को प्रस्तुत नहीं की गई है। नोटिस में जानकारी चाही गई है। संस्था के वर्तमान में कितने सदस्य है। संस्था द्वारा 10.53 एकड़ भूमि ग्राम पीपलनेर में क्रय की गई थी। भूमि पर आज तक अनुमति लेकर भूखंड आवंटित क्यों नहीं किया गया ?

         संस्था द्वारा आज  तक कौन-कौन सी अनुमति प्राप्त की गई हैं ? भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा एयरपोर्ट रोड पर एयरोसिटी परियोजना के लिए बसंत गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल की पीपलनेर स्थित कुल भूमि 13.26 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। संस्था द्वारा भोपाल विकास प्राधिकरण से संस्था की भूमि के विकास के बदले संस्था को भूखंड दिए जाने हेतु संस्था द्वारा अनुबंध किया गया था, इस अनुबंध की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया गया है। 

       उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा भूस्वामी को भूमि वापस कर देने से संस्था के सदस्य भूखंड से वंचित रह गए। संस्था द्वारा किया गया यह कृत्य संस्था के गठन के उद्देश्य के विरुद्ध है एवं प्रथम दृष्टया अपराध की श्रेणी में आता है। सिविल न्यायालय में अधूरे तथ्यों को रखा जाकर गुमराह करने का प्रयास किया गया है एवं सहकारिता विधि विधान के प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है न्यायालयीन प्रकरण के बाद पत्र जवाब दावा तथा प्रकरण के अद्यतन स्थिति ज्ञात किया जाना आवश्यक हो गया है। 

     संस्था को निर्देशित किया जाता है कि बिंदुवार जानकारी सहित  25 जून को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे किंतु आप सभी 11 अध्यक्ष/ संचालकों में से कोई भी आज दिनांक तक उपस्थित नहीं हुए हैं। अंतिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देशित किया गया कि अपना उपरोक्त अनुसार सभी संचालकों सहित  6 अगस्त को उपस्थित होकर अपना उत्तर पक्ष समर्थन प्रस्तुत करें अन्यथा यह माना जाकर की आपको कुछ नहीं कहना है तदुपरांत अपेक्षित वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ की जायेगी।