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भोज विश्वविद्यालय में सातवे वेतनमान को लेकर प्रदर्शन कर की नारे बाजी
November 18, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपाल । भोज विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिल भार्गाव और संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि भोज विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की सातवें वेतनमान की माँग , समयमान वेतनमान , और संविदा कर्मचारियों की माँग को लेकर भोज विश्वविद्यालय के कर्मचारी पिछले दो दिन से आंदोलन कर रहे हैं , आज आंदोलन के दूसरे दिन भोज विश्वविद्यालय के तानाशाह कुलपति के कक्ष के सामने दोपहर 12 बजे से एक हाथ से ताली बजाकर प्रदर्शन हुआ और मांग पूरी होने तक प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा तथा विश्वविद्यालय प्रंबधन के खिलाफ नारेबाजी की गई 

आज 12 बजे से कुलपति भोज जयंत सोनवलकर के खिलाफ मुख्यालय सहित पूरे प्रदेश के केंद्रों पर एक साथ नारेबाजी की गई तथा साथ में एक हाथ से ताली बजाने का प्रदर्शन हुआ जिसमें संविदा अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश राठौर जी एवं विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉक्टर अनिल भार्गव ने संबोधित किया और मांगों को लेकर कर्मचारियों ने जोशीले नारे लगाये जिसमें भोज विश्वविद्यालय के कर्मचारियों भीख नहीं अधिकार चाहिए तानाशाही नहीं चलेगी अब चाहे जो मजबूरी हो मांग हमारी पूरी हो हमारी तीन प्रमुख मांग है ??मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड एवं कुलसचिव द्वारा मध्य प्रदेश शासन के नियमानुसार समस्त विश्वविद्यालयों की भांति वर्ष 2017 में भोज विश्व विद्यालय के समस्त अधिकारी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ वर्ष 2017 में स्वीकृत किया जा चुका है इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर जयंत सोनवलकर इंदौर सहित समस्त अधिकारियों ने उक्त सातवें वेतनमान का लाभ ले लिया है मगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ जयंत सोनवलकर यह कह रहे हैं कि मैं जब जाऊंगा 2 वर्ष बाद तब यह लाभ आपको दूंगा जब कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ हरि हर शरण त्रिपाठी ने उक्त लाभ 2017 से अधिकारियों की भांति भोज के नियमित कर्मचारियों को भी स्वीकृत कर ऑर्डर दे दिए गए हैं और विवि का जो प्रबंध बोर्ड है जिसमें राज्यपाल के प्रतिनिधि एवं मध्य प्रदेश शासन के तीन प्रमुख सचिव के प्रतिनिधि शामिल होते हैं से भी यह सातवां वेतनमान लागू करने की स्वीकृति मिल गई है अनावश्यक गरीब कर्मचारियों को कुलपति भोज से रोकने का काम कर रहे हैं और कुलसचिव द्वारा बार-बार ऑर्डर करने नस्ती लिखने के बाद भी छह छह माह तक नस्ती अपने पास रखते है एवं सब को प्रताड़ित कर रहे हैं, मध्य प्रदेश शासन के नियमानुसार भोज विश्वविद्यालय में भी जिन कर्मचारियों की नियमित सेवा को 10 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं उनको समयमान वेतनमान का लाभ मिल चुका है मगर उनकी सेवा 20 वर्ष पूर्ण होने पर उनको द्वितीय समयमान वेतनमान की गठित समिति की अनुशंसा होने के बाद भी कुलपति मनमानी से आर्डर नहीं होने दे रहे हैं और 2 साल इस लाभ से भी वंचित रख रहे हैं और कुछ कर्मचारियों को प्रथम समय मान वेतनमान का लाभ भी नहीं दे रहे कुछ कर्मचारियों को संविदा दैनिक वेतन और एजेंसी में 10 वर्ष से भी अधिक समय कार्य करते-करते बीत गया है उनको बहुत ही अल्प वेतन प्राप्त हो रहा है जबकि उनको विश्वविद्यालय में बहुत महत्वपूर्ण विभाग और जिम्मेदारियां सौंपी गई है प्रशासन उनके भविष्य की चिंता करते हुए कई बार कमेटी बना चुका है मगर कोई ठोस निर्णय या आदेश जरीना होने से उन्हें आज भी अल्प वेतन प्राप्त हो रहा है जिससे उनके परिवार का भरण पोषण करने में कठिनाई हो रही हैं वहीं कुलपति अपनी सुख-सुविधा में कोई कमी नहीं रख रहे हैं यह प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है जहां जन जन-जन के नायक प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के बावजूद मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग एवं भोज विश्वविद्यालय के सर्वोच्च समिति प्रबंध बोर्ड के निर्णय आदेशों को भी कुलपति अपनी मर्जी से नहीं मान रहे हैं वही कुलसचिव बार-बार नियमानुसार आदेश जारी कर देते हैं उक्त समस्त लाभ प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को अपने वेतन में सम्मिलित होकर लाभ मिल रहा है और सिर्फ भोज विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को लाभ से वंचित रखा जा रहा है और कुलपति अपनी तानाशाही कर व्यवस्था से विश्वविद्यालय को संचालित कर रहे हैं।

सभा को म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर भोज विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ अनिल भार्गव अध्यक्ष डॉ राजेश सक्सेना उपाध्यक्ष प्रशांत सोलंकी सचिव प्रतिभा गुप्ता सह सचिव विशाल असाटी कोषाध्यक्ष विश्वविद्यालय अधिकारी कर्मचारी संघ के द्वारा संबोधित किया गया ।