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भू-माफिया ने बेच ली सड़क नाली की जमीन
February 18, 2020 • Vijay sharma
सतना। आम निस्तार की एक बड़ी आराजी पर भू-माफिया खेल रहा है रुपयों का
खेल, सारी व्यवस्था पर हावी इस भू-माफिया के रुतबे को स्वीकार करने वाले
अनुविभागीय अधिकारी को मुख्यमंत्री कमलनाथ के आदेश की भी चिंता नहीं।
क्या चंद रुपयों में बिका है ईमान या फिर और कोई वजह है माफिया को उपकृत
करने की।
भू-माफिया के कब्जे से अतिक्रमण  की गई भूमि को मुक्त कराने का मध्य
प्रदेश सरकार ने सख्त आदेश जारी किया है। जिसके तहत प्रदेश के अन्य जिलों
के साथ सतना में भी जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय ने कड़ी कार्यवाही
शुरू की। कई निर्माण ध्वस्त कराए शासकीय आराजियों को मुक्त कराया। लेकिन
बड़े-बड़े मगरमच्छ की तरह जो भू-माफिया सतना में पड़े हैं उनका बाल भी
बांका नहीं हो सका। उसकी वजह यह बताई जा रही है कि राजस्व अधिकारी स्वयं
उन भू-माफियाओं के चंगुल में फंसे हुए हैं और उन्हीं भू-माफिया के इशारे
पर वह कार्य करते हैं। कई ऐसे मामले सामने आए हैं लेकिन एक ऐसा मामला
उदाहरण के तौर पर सामने है जिसमें ना कोई बिल्डिंग गिरानी है ना किसी को
बेदखल करना है, कागजों में खेल रहे भू-माफिया के खेल को रोक कर शासकीय
रिकॉर्ड में वास्तविक स्थिति सड़क और नाली दर्ज करना है। यह करने में
सतना के तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने करीब 8 वर्ष का समय
गुजार दिया। हम इनके गुण-दोष और इस दायित्व को निभा रहे अधिकारियों की
मनसा और कार्य पद्धति पर कोई सवाल नहीं उठाना चाहते किंतु सतना कृष्ण नगर
में विकसित 18.72 एकड़ भू-भाग की कॉलोनी मैं रोड नाली का एक ऐसा मामला है
जो राजस्व विभाग की कार्यशैली और मनोदशा को स्पष्ट रुप से प्रदर्शित करता
है।
 
कृष्ण नगर सरस्वती स्कूल क्षेत्र में 18.72 एकड़ आराजी पर कॉलोनी विकसित
है। शासकीय रिकॉर्ड में इस कॉलोनी में रोड नाली नहीं होने के कारण आए दिन
होने वाले विवाद के दौरान वर्ष 2012 में तत्कालीन कलेक्टर केके खरे से इस
आशय की शिकायत की गई थी। उन्होंने  यहां की वस्तु स्थिति पर कार्यवाही के
लिए राजस्व निरीक्षक को आदेशित किया। कलेक्टर के आदेश पर राजस्व निरीक्षक
और पटवारी ने कॉलोनी में प्रचलित सड़क और नाली की जांच  और नाप करके अपना
प्रतिवेदन तहसीलदार को प्रस्तुत किया जिसमें 3.077 हेक्टेयर में सड़क और
नाली बनी पाई गई। पटवारी, राजस्व निरीक्षक के इस प्रतिवेदन पर तहसीलदार
रघुराजनगर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रघुराजनगर को रोड नाली दर्ज करने
का आदेश पारित करने बाबत अपना प्रतिवेदन भेजा। जिस पर एसडीएम द्वारा रोड
नाली दर्ज करने का आदेश पारित किया गया । इस आदेश के पारित होते ही
भू-माफिया महेश जैन सक्रिय हो गया और उसने एसडीएम के आदेश की अपील एडीएम
कोर्ट में  किया एडीएम कोर्ट से भी रोड नाली दर्ज करने का एसडीएम का आदेश
यथावत रखा गया। इस आदेश के विरुद्ध भी राजस्व मंडल और आयुक्त रीवा संभाग
के न्यायालय में भू-माफिया ने अपील दायर की। एक साथ कनिष्ठ और वरिष्ठ
दोनों न्यायालय में अपील दायर होने की जानकारी जब संभागीय आयुक्त को दी
गई तो उन्होंने इस अपील को खारिज कर दिया। अब मामला राजस्व मंडल के अधीन
पहुंचा। मामले की सुनवाई करते हुए राजस्व मंडल ने पाया कि आवासीय कॉलोनी
की सड़क और नाली जो वहां प्रचलित और मौजूद है को राजस्व रिकार्ड में दर्ज
करना आवश्यक है अत: वहां से रोड नाली दर्ज करने का आदेश पारित किया गया।
राजस्व मंडल के इस आदेश के बावजूद उसी न्यायालय में पुन: रिव्यू दायर की
गई। भू-माफिया द्वारा दायर की गई रिव्यू को भी राजस्व मंडल ने अनुपयुक्त
पाते हुए खारिज कर दिया। फिर एक दूसरे व्यक्ति को सामने लाकर इस गिरोह ने
उच्च न्यायालय में इस संबंधित अपील दायर की ।