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बिहार ही नहीं यूपी विधानसभा चुनाव भी लड़ेगी ्र्रक्क, दिल्ली के 15 विधायक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी
February 25, 2020 • Vijay sharma
नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार दूसरी बार धमाकेदार जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी 'आपÓ की नजर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अब उत्तर प्रदेश पर टिक गई है। यूपी के अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी दिल्ली के विकास मॉडल पर वोट मांगेगी। वहीं पार्टी ने घोषणा की है कि वह बिहार विधानसभा के सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद रविवार को पहली बार लखनऊ के दौरे पर आए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि राजनीतिक लिहाज से सबसे संवेदनशील राज्य उत्तर प्रदेश में पार्टी अपनी जमीन तैयार करने में जुट गई है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस बात के लिए आश्वस्त है कि वर्ष 2022 में होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। भाजपा की तमाम बातों के बावजूद दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी बेहद सुखद है। इससे संकेत मिलते हैं कि जनता अब नफरत की राजनीति के बजाय विकास देखना चाहती है। सिंह ने बताया कि दिल्ली विधानसभा में चुनाव जीतने वाले आम आदमी पार्टी के 15 विधायक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। ये विधायक प्रदेश में पार्टी की जमीन तैयार करेंगे।  इन विधायकों को चुनाव में खास जिम्मेदारी दी जाएगी। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय कोर मुद्दों पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान, नौजवान, महिलाओं समेत समाज का हर वर्ग बेहद परेशान है, मगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास की झूठी बातें कहकर अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हैं। 
बिहार विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए शुरू की तैयारी
पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू ने कहा कि दिल्ली चुनाव के बाद पार्टी बिहार में भी दिल्ली मॉडल पर चुनाव लड़ेगी। एक सवाल पर कहा कि प्रशांत किशोर को पार्टी से निष्कासित करना जदयू का आंतरिक मामला है। लेकिन, अगर प्रशांत किशोर आप से जुड़ते हैं तो उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद पार्टी ने राष्ट्र निर्माण कैम्पेन के तहत काम की राजनीति को देश के हर घर तक ले जाएगी। 23 फरवरी से 23 मार्च तक अभियान चलाकर राज्य के 50 लाख युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के अभियान में जोडऩे का लक्ष्य है। इसके लिये एक मिस्ड कॉल नंबर राष्ट्रीय स्तर पर जारी किया गया है।