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छत्तीसगढ़ में रेत माफियागिरी बंद होनी चाहिए : बृजमोहन
August 29, 2020 • Admin • राष्ट्रीय

 बृजमोहन अग्रवाल ने अवैध रेत उत्खनन का मामला विधानसभा में उठाया

10 जून से 15 अक्टूबर तक रेत खदान बंद है - मुख्यमंत्री


 रायपुर। भाजपा  विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला उठाया व सरकार के उपर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में रेत माफिया काम कर रहा है। शराब के ठेकेदार आकर रेत में टेण्डर डाल रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव को पीटा गया, जांजगीर में एसडीएम की गाड़ी को हाइवा के माध्यम से ठोका गया, प्रदेश में यह क्या हो रहा है। गांव का आदमी 500 रूपये ट्रेक्टर ट्राली में रेत खरीद लेता था। आज 5000 रूपये में नहीं मिल रहा है। रायपुर में 5000 ट्रक की रेत 25000 में मिल रही है। बरसात में रेत के खदान बंद है, पर रेत की खुदाई क्यों हो रही है। रेत माफिया से छत्तीसगढ़ को बचाना होगा। क्या रेत की खुदाई भी छत्तीसगढ़ के नौवजवान नहीं कर सकते? क्या छत्तीसगढ़ के नौजवानों को रेत का ठेका नहीं मिल सकता? क्या छत्तीसगढ़ के नौजवान इस लायक नहीं कि वह रेत का ठेका ले सकें? अगर शराब ठेकेदार रेत के ठेके में आयेंगे तो छत्तीसगढ़ का नौजवान कैसे रेत का ठेका लेगा। हमें इस दिशा में काम करना चाहिए। मैं आपसे यह जानना चाहता हूं कि जोरातराई कि घटना में किसके-किसके उपर में कार्रवाही की गई, कौन-कौन पकड़े गये और वह लोग किस राज्य के हैं? अगर वह छत्तीसगढ़ के नहीं है तो वह यहां पर आकर क्या कर रहे थे?

 

 श्री अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में मध्यप्रदेश के लोग यहां पर है। मै आरोप नहीं लगाना चाहता परंतु मैं यह कहना चाहता हूं कि कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जो छत्तीसगढ़ के नहीं हैं, छत्तीसगढ़ के बाहर के हैं उन्होंने अपने आदमियों को भेजकर यहां पर रेत की खदाने दी हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में बरसात में क्या रेत की खदानों को खोदने के लिये परमिशन दिया गया है? सरकार रेत के नियंत्रण करने के लिय क्या कर रही है, क्या सरकार इस काम को करेगी कि जिनको स्टाक का परमिशन दिया है, वह रेत को सीमित रेट पर बेचें, क्या सरकार इसकी कोई व्यवस्था करेगी?
 श्री अग्रवाल ने कहा कि सूरजपुर की रेत उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश जा रही है और एक-एक लाख रूपये में बिक रही है। रेत की माफियागिरी छत्तीसगढ़ में बंद होनी चाहिए। अगर एक नंबर में पूरी रेत निकलने लगी तो पूरे 200 करोड़ की रायल्टी मिलेगी। एक पिट पास में सौ-सौ ट्रकें निकल रही है, पहले कम से कम पंचायतों को पैसा जाता था, अब माफिया पैसा खा रहे हैं, 200 करोड़ की रायल्टी।
 श्री अग्रवाल ने कहा कि जांजगीर जिले में एस.डी.एम. की गाड़ी को हाईवा के माध्यम से ठोंका गया। प्रदेश में यह क्या हो रहा है? प्रदेश के लिए बाकी चीजें चलेंगी लेकिन जो रेत है इसे गरीब आदमी भी उपयोग करता है। प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, प्रधानमंत्री आवास के लिए जिस रेत को गांव का आदमी 500 रूपये ट्रेक्टर ट्राली में खरीद लेता था, वह उसे आज 5000 रूपये में नहीं मिल रही है।
 मान. मुख्यमंत्री जी बोल रहे है कि कहीं पर खुदाई नहीं हो रही है, लेकिन मेरे पास तीन दिन पहले के, चार दिन पहले के, पांच दिन पहले के चित्र है कि 100 ट्रेक्टर खुदाई  कर रहे हैं, 50 हाईवा खुदाई कर रहे है। जगह-जगह लोगों से लूटमार किया जा रहा है। मान. मुख्यमंत्री जी, कम से कम इस प्रदेश के हित के लिए क्योंकि रेत के लिए उत्तरप्रदेश और बिहार में तो हमने सुना है परंतु छत्तीसगढ़ में रेत माफिया तैयार हो जाएं इससे हमें छत्तीसगढ़ को बचाना होगा।
 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक व नारायण चंदेल ने भी रेत की काला बाजारी व अवैध उत्खनन को लेकर तीखे सवाल किए।
 मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि धमतरी जिले के राजपुर समूह-बी जिसमें तीन खदानें, राजपुर, ढाबा जोरातराई खदानें है वह आशीष डहरिया, निवासी-जोरा, रायपुर को आबंटित की गई है। जिनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किये गये हैः-रमनदीप सिंह, गुरूदीप सिंह, राजेश तिवारी, अवधेश सिंह, करण जोशी, श्याम कुमार गुप्ता, जसवीर सिंह, गुरूवचन सिंह, प्रहलाद कुंजाम, नागेन्द्र उर्फ नागू चन्द्राकर, तुलसीराम यादव। इन सबके खिलाफ काईवाई की गई है और इसमें जो धारा लगी है लूट, डकैती, अश्वील गाली-गलाच, मारपीट, जान से मारने की धमकी, बंधक बनाना, बलवा और एस.सी.-एस.टी. एक्ट यह सारी धारायें उन पर लगी हैं। एन.जी.टी. की नियमों का पूरा पालन हो रहा है, 10 जून से लेकर 15 अक्टूर तक रेत खदान बंद रहता है और जो यह कह रहा है कि कार्यवाही नहीं की गई तो हमने 2300 से अधिक प्रकरण दर्ज किये हैं। आपने वर्ष 2018-19 में साल भर में 1800 प्रकरण दर्ज किये। हमारे शासनकाल में 6 महीने के भीतर में 2300 प्रकरण दर्ज किये और कार्यवाही की है। अभी जितने रेत खदान है उसमें 107 रेत खदान है, उसके लिए अनुज्ञा जारी की गयी है। जिससे वे बरसात में भी रेत संग्रहित कर सकते हैं। रायपुर में प्रति हाईवा 10-12 हजार रूपये, महासमुंद 10 हजार रूपया, बलौदाबाजार में 6-7 हजार रूपया प्रति हाईवा मिल रहा है। धमतरी में 7500-8000 रूपये हैं, कांकेर में 7 हजार रूपये है, जांजगीर-चांपा में 6-10 हजार रूपये प्रति हाईवा है। बिलासपुर में 10-12 हजार रूपये हैं, रायगढ़ में 5-7 हजार रूपये है। कोरबा में 8 हजार रूपये है, बलरामपुर में प्रति ट्रेक्टर 1500 रूपये है, सूरजपुर में 2 हजार रूपये प्रति ट्रेक्टर है, दंतेवाड़ा में 5 हजार रूपये है, सूरजपुर में 12-15 हजार रूपये प्रति हाईवा के हिसाब से पूर्ति की जा रही है।
 मान. मुख्यमंत्री जी ने बताया कि उस समय अव्यवस्था बहुत थी, रायल्टी बिल्कुल नहीं मिल रहा था, आपको 13 करोड़ रूपये रायल्टी मिलती थी। अभी तो केवल हमने निविदा बुलाई है, उसी में 18 करोड़ रूपये मिला है और साल भर में हमको 50-60 करोड़ रूपये राजस्व की प्राप्ति होगी और पंचायतों को जो पहले मिलता था उसमें 25 प्रतिशत बढ़ाकर देंगे। पूरा एन.जी.टी. के नियमों का पालन हो रहा है। रेत खदान की स्वीकृति उसी हिसाब से हो रही है। एक-एक प्रकरण भेजा जा रहा है। वहां उस प्रकार की घटना घटी तो उस पर जरूर कार्यवाही की जायेगी। किसी को भी छत्तीसगढ़ में गुण्डागर्दी करने का अधिकार नहीं है। सब के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी और यदि अधिकारियों के खिलाफ किया जा रहा है यदि शासकीय कार्य में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जायेगी। 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक रेत खुदाई में रोक है और इस बीच में यदि कोई भी खुदाई करते है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। हमने 2300 से अधिक प्रकरण दर्ज किये है। यदि अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन हो रहा है, तभी तो हम कार्यवाही कर रहे हैं।