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चुटकी भर हल्दी है कोरोना के लिए ब्रहमास्त्र: संत हरिहर महाराज
March 8, 2020 • Admin

नरसिंहपुर ()। जहां एक ओर पूरे विश्व में कोरोना वायरस का रोना रोया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर भारत में कोरोना से कोई भी इतना गंभीर नही निकला कि ठीक न हो पाया हो। भारत सनातन एवं संस्कारों की भूमि है। आयुर्वेद को हर घर में रोज उपयोग किया जाता है। हमारी संस्कृति एवं संस्कारों में चुंबन नही चरणों का स्पर्श किया जाता है और हाथ मिलाकर नही हाथ जोड़कर अभिवादन किया जाता है। ऐसी संस्कारी भारत भूमि की रज रज में स्वास्थ्य वर्धक एवं अमृतमयी औषधि है, जिनसे कोरोना हो या कैंसर या इससे भी भयानक कोई और बीमारी सभी को आसानी से रोका जा सकता है। ऐसी सी ही एक ऐंटीवायोटिक औषधि हल्दी है, जिसे हमारे किचिन में हमारी माताओं द्वारा मसाले के रूप में रोज उपयोग किया जात है। जैसा इसका नाम है हल्दी वैसा ही इसका गुण है। हमारे शरीर को हैल्दी अर्थात स्वस्थ्य रखना है। यह एक बहुत ही ऐंटीबायेटिक याने शरीरी में रोगों से लडऩे की क्षमता में बृद्धि करने वाला है। उक्त चर्चा नर्मदा के सतधार पावन तट पर स्थित संत श्री हरिहर महाराज जी ने कोरोना के भयंकर प्रकोप से घबराये देश के नागरिकों के हित में शुक्रवार को अपने आश्रम में प्रेसवार्ता कर पत्रकारों को बताई।  उन्होंने बताया कि कोरोना जैसी घातक बीमारियों का इलाज हमारे देश में मात्र चुटकी भर हल्दी से ही किया जा सकता है। संत श्री हरिहर महाराज ने बताया कि हल्दी बहुत ही गुणकारी होती हैं इसे घर में कूटपीस कर पावडर बना कर धीमी आग में हल्का सेंककर उसमें सेंधा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सेवन जाता है। ऐंसा करने से केंसर जैंसी असाध्य बीमारियां भी नष्ट हो जाती हैं और कोरोना जैंसी भयानक बीमारियों से भी छुटकारा मिल जाता है। इस मिश्रण को हर गरीब अमीर सभी उपयोग कर सकते हैं।  यह घरेलू एवं सस्ता इलाज है। कोरोना के फैलने के बारें में उन्होंने बताया कि बड़े देशों द्वारा गरीब देशों को गुलाम बनाने के लिए इस बीमारी के बैक्टीरिया प्रयोगशालाओं में तैयार किये गये है। इसके बचाव के लिए लोग मंहगी सामग्री खरीदेंगे जिससे गरीब देशों की आर्थिक स्थिति को गड़बड़ाकर उन्हें गुलाम बनाया जा सके। अन्य देश इससे बचने एवं सुरक्षा के उपाय ढूढ़ रहें हैं। मास्क एवं अन्य रसायनों का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन हमारे भारत में आयुर्वेद में इतनी शक्ति है कि हम रोज इनका सेवन किसी न किसी रूप में अवश्य करते रहते हैं, जिससे हमारे शरीर में रोगों से लडऩे व उनके रोकथाम के लिए अनुकूल है। लेकिन इसके बावजूद भी हमें हल्दी के उक्त चूर्ण को आवश्यक रूप से लेना चाहिए जिससे हमारे शरीर में ऐंसे रोगों से लडऩे की क्षमता बनी रहे। हल्दी के इस प्रयोग से कोरोना को भी हराया जा सकता है।