ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
धार के मनावर में हुई तालिबानी घटना समाज को शर्मसार करने वाली हैं ः -भार्गव
February 6, 2020 • Vijay sharma • राजनीति

शांति के टापू को कांग्रेस ने हिंसा का अड्डा बना दिया

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि धार के मनावर में हुई तालिबानी घटना समाज को शर्मसार करने वाली हैं। मध्यप्रदेश किस ओर बढ़ रहा है?  यह घटना दर्शाती है कि प्रदेश में तालिबानी युग की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में मध्यप्रदेश में दलितों आदिवासियों पर अत्याचार और सौहार्द में खलल डालने वाली घटनाएं हुई है। सागर में दलित को जिंदा जला दिया जाता है तो मुख्यमंत्री जी के गृह जिले में आदिवासी नाबालिक बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी जाती। लेकिन ऐसी घटनाओं पर सरकार का दिल नही पसीजता। कांग्रेस सरकार की उदासीनता के कारण ही प्रदेश में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही है। मनावर की इस घटना के लिए भी कमलनाथ सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। विधानसभा के बजट सत्र में मॉब लिंचिंग की इस घटना पर प्रमुखता से उठाकर सरकार से जवाब मांगेंगे। 
उन्होंने कहा कि कमलनाथ राज में लोगों को भीड़ ने पीटा और एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। यह तालिबानी घटना मध्यप्रदेश की शांतिप्रिय पहचान को शर्मसार करती है।  नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ जी आपने एक साल में बना नया मध्यप्रदेश बना ही दिया। शांति का टापू कहा जाने वाला मध्यप्रदेश अब एक साल में हिंसा का अड्डा बन गया है। श्री भार्गव ने कहा कि 'दलितों एवं आदिवासियों की हत्या हो रही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ वक़्त है बदलाव का नारा देते है, वास्तव में मध्यप्रदेश बदल गया है। मध्यप्रदेश को कांग्रेस की नजर लग गयी। नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव ने कहा कि समाज मे ऐसी  चिंतनीय है। सरकार ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक लगाएं और दोषी कोई भी हो उसे दण्ड दे ताकि ऐसी घटनाओं की प्रदेश में पुनरावृत्ति न हो।  


विधानसभा में सरकार से जवाब मांगेंगे :--
नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि धार मनावर की घटना समाज को शर्मसार करती है। सरकार की नाकामी और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के कारण ऐसी घटनाएं हो रही है। विधानसभा के बजट सत्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सरकार को जवाब देना होगा। धार मनावर की इस घटना पर सरकार से हम सवाल पूछेंगे। इस तालिबानी घटना के लिए कमलनाथ सरकार जिम्मेदार है।