ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
एम्स प्रबंधन की तानाशाही से परेशान पिपलिया पेदें खां के रहवासी, उतरेंगे सड़क पर
June 19, 2020 • Admin

मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, हस्ताक्षेप कर खुलवाएं सालों पुराना रास्ता .

भोपाल । राजधानी में आने-जाने का बाधक बनने के साथ तानाशाह रवैया अपना हुए पिपलिया पेंदे खां के वर्षों पुराने रास्ते को एम्स प्रबंधन द्वारा बंद किए जाने से यहां की 10 हजार आबादी परेशानी है। कोरोना के बाद लॉकडाउन के आड़ में रहवासियों का मुख्य मार्ग बंद करने वाला एम्स प्रबंधन अनलॉक के बाद भी तानाशाह रवैया अपनाते हुए रहवासियों के आने-जाने के मार्ग को अवरूद्ध कर रखा हैं। एम्स प्रबंधन की इस हरकत से यहां के रहवासी आक्रोशित है और अब पिपलिया पेंदें खां के रहवासियों ने सड़क पर उतरने का ऐलान किया। रहवासी राजेश चौकसे ने बताया कि एम्स प्रबंधक अपनी कायराना हरकतों को बाज नहीं आ रहा हैं। लॉकडाउन की आड़ में वर्षों पुराने रास्ते में नाली खोदकर इस पर दीवार उठाने में नाकाम एम्स प्रबंधन के डायरेक्टर ने अब गेट नंबर 2 (जिससे रहवासी आते-जाते थे) उसे पूर्णत: बंद कर दिया है। डायरेक्टर और सिक्युरिटी इंचार्ज के आदेश पर यहां तैनात गार्डों द्वारा न ही दुपहिया वाहनों को निकलने दिया जा रहा है और न ही पैदल चलने वालों को। श्री चौकसे ने बताया कि निकासी मार्ग के लिए यहां एकत्रित हुए पिपलियां पेदें खां के रहवासियों की हुजूम को देख मौके पर पहुंचा पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने रहवासियों को समझाइश देते हुए एम्स प्रबंधन के अधिकारी से फोन पर बात की। जवाब में एम्स के कोई एक अधिकारी ने गेट नंबर 2 से दुपहिया वाहन और पैदल व्यक्ति को आने जाने की बात कही और मौके पर उक्त सभी अधिकारियों के समक्ष ने संयुक्त कलेक्टर ने गेट नंबर 2 का एक पल्ला खुलवा दिया। लेकिन अधिकारियों के जाने के बाद एम्स प्रबंधन ने पुन: बंद कर दिया। रहवासी लीलाकिशन चौकसे के अनुसार एम्स प्रबंधन के अधिकारियों की कथनी और करनी में अंतर है। संयुक्त कलेक्टर, एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, थाना प्रभारी के समक्ष कहता कुछ और करता कुछ हैं। बीते दिनों संयुक्त कलेक्टर के निर्देश के बाद भी एम्स प्रबंधन द्वारा रहवासियों को वर्षों पुराने के रास्तें से आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। रहवासी खिजरूल रहमान (भइया भाई)और शमी,जहीर अहमद के अनुसार जिस रास्ते को एम्स प्रबंधन द्वारा बंद किया जा रहा है उस रास्ते यहां के रहवासी तब से आ-जा रहे हैं जब से भोपाल में पिपलिया पेंदे खां अस्तित्व में आया। सालों-साल से पिपलिया के रहवासियों का इसी पुराने रास्ते से आवागमन है, लेकिन एम्स प्रबंधन के डायरेक्टर की हिटलरशाही रवैए से रहवासी त्रस्त है। रहवासियों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन इस मामले में हस्ताक्षेप करे और वर्षों पुराना मुख्य निकासी मार्ग को जो एम्स प्रबंधन द्वारा बंद किया जा रहा है उसे खुलवाया जाए। रहवासियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपील की,कि पिपलिया ग्राम के 10 हजार रहवासी एम्स प्रबंधन द्वारा मार्ग बंद करने की इस साजिश परेशान है। क्योंकि ग्राम में बच्चे बुढ़े और नौजवान इसी मार्ग से आते-जाते हैं। इस मार्ग के अलावा और दूसरा सुगम मार्ग नहीं है।