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गैस पीड़ित ल को बचाना हमारी प्राथमिकता : लवानिया
July 10, 2020 • * • स्वास्थ्य

चिरायु अस्पताल में खोला शासकीय फ़ीवर् क्लीनिक

गैस राहत पीड़ित और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक संपन्न

भोपाल । कलेक्टर अविनाश लवानिया ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गैस राहत और सीएमएचओ सहित शासकीय-अशासकीय, निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के प्रबंधकों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैस पीड़ित क्षेत्रों से अथवा अन्य जगहों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को इलाज देने में देरी नहीं की जाए। कोविड-19 रिपोर्ट लाने या लंबित रहने पर ही उन्हें इलाज के लिए इंतज़ार नहीं कराया जाए और उनका उपचार किया जाये। अन्यथा ऐसे सभी शासकीय-अशासकीय, निजी नर्सिंग होम, अस्पतालों आदि के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। गैस पीड़ित व्यक्ति हाई रिस्क ज़ोन में है। उनको कोरोना संक्रमण से बचाना हमारी प्राथमिकता है। उक्तशय के निर्देश उन्होंने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई गैस राहत पीड़ित और संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ चर्चा में दिये। इस मौके पर अपर कलेक्टर सतीश कुमार एस, मुख्य चिकित्सा और स्वस्थ अधिकारी गैस राहत और जिला सहित गैस राहत संगठन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शहर में बने गैस पीड़ित वार्डों में रहने वाले सभी नागरिकों और बुजूर्ग चिरायु अस्पताल में भी अपनी जांच करा सकते है। शासकीय फ़ीवर् क्लीनिक के साथ 19 फ़ीवर् क्लिनिक भी अन्य गैस पीड़ित वार्डों में संचालित किये जा रहे हैं। जहां गैस पीड़ित व्यक्ति कोरोना संक्रमण सहित अन्य बीमारियों से संबंधी अपनी जांच, परामर्श और स्क्रीनिंग नि:शुल्क करा सकते हैं। कलेक्टर ने गैस राहत अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किए जाने के निर्देश सीएमएचओ, गैस राहत को दिये। उन्होंने कहा कि गैस राहत अस्पतालों में स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्थाओं का प्रबंध किया जाए। मेडिकल उपकरण सहित दवाइयों का स्टाक रखा जाये। कोविड-19 से संबंधित लक्षण वाले मरिजों का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें बेहतर ईलाज दिया जाये। बैठक में गैस पीड़ित संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से चर्चा की। चर्चा के दौरान उन्होंने अपने विभिन्न सुझावों से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने निर्देशित किया की शहर में गैस पीड़ित वार्डों के लक्षणीत व्यक्तियों को संस्था अथवा सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए 40-50 सर्दी, खासी और बुखार के लक्षण वाले व्यक्तियों को सामूहिक भवन में एकत्रित कर स्क्रीनिंग की जाये तथा चिकित्सक द्वारा जाँच के पश्चात् आवश्यक होने पर सेम्पलिंग की कार्यवाही भी की जाये। गैस पीड़ित वार्डों में किल कोरोना अभियान के तहत विशेष सर्वे अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि इन गैस पीड़ित वार्डों में सभी गैस राहत के पदाधिकारियों की उपस्थिति में सर्वे, स्क्रीनिंग और सैंपलिंग की कार्यवाही की जाये जिससे गैस पीड़ित व्यक्ति जाँच और सर्वे में सहयोग कर सके। उन्होंने कहा की सभी गैस राहत के पदाधिकारी अपना सहयोग कोरोना संकट के दौरान दें जिससे गैस पीड़ित वार्डों में प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जा सके।