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गरीबो के लिए मुसीबत बनी सरकार व बस ऑपरेटर की खीचतान -
June 18, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपाल। सरकार व निजी बस ऑपरेटर के बीच चल रही खींचतान गरीबों के लिए मुसीबत बन गई है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भी आम आदमी जहां सार्वजनिक परिवहन सेवा से वंचित है, वही परिवहन सेवा ठप्प रहने से इसमें काम करने वाले करीब 1 लाख कर्मचारी भी बेकाम हो गए हैं। बताया जाता है कि सार्वजनिक परिवहन सेवा के उद्योग से जुड़े श्रमिक /कर्मचारियों की संख्या एक लाख से अधिक है। सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद होने से यह सभी बीते 2 महीने से बेकार है। सड़क परिवहन कर्मचारी अधिकारी उत्थान समिति मध्य प्रदेश के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा की माने तो सरकार की पहल पर परिवहन सेवा शुरू होने से जहां गरीब परिवारों के लिए रोटी का इंतजाम होगा। वही इससे डेढ़ करोड़ उन यात्रियों को भी मदद मिलेगी, जो प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इसके अतिरिक्त तीन लाख ऐसे छोटे छोटे व्यवसाई भी लाभांवित होंगे जो सार्वजनिक परिवहन उद्योग से जुड़ा हुआ है। जादी प्रेसनोट में उन्होंने ऑपरेटर और सरकार के बीच में आपसी तालमेल को इसका कारण मानते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन निगम का अस्तित्व का नहीं होना इसके पीछे मुख्य वजह है। देश में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ दो ऐसे राज्य हैं जहां पर पूर्णता निजी करण है और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था निजी ऑपरेटरों की हवाले है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। ताकि वित्त के समय जो स्थिति अब निर्मित हुई व भविष्य में ना हो। इसका एकमात्र विकल्प है कि सार्वजनिक परिवहन सेवा को सरकार अपने अधीनस्थ ले।