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गेहूं के पंजीयन में रुचि नहीं ले रहे किसान
February 20, 2020 • Vijay sharma
बरेली । गेहूं की फसल इस बार क्षैत्र में अच्छी दिखाई दे रही है। किसान और विभाग भी उच्छे उत्पादन और गुणवत्ता की आस लगाए हुए हंै। इस बार गेहूं का रकबा भी पिछले साल से ज्यादा है लेकिन बावजूद इसके गेहूं के पंजीयन में किसान रुचि लेते नहीं दिख रहे। इस बार अब तक सिर्फ 1 हजार 336 किसान ही विपणन सहकारी संस्था मर्यादित बरेली कार्यालय में पंजीयन कराने पहुंचे हैं। विपणन संघ के ई.उपार्जन पोर्टल पर भी बुधवार को बरेली मंडी में 69 एवं भौडिया केन्द्र पर 35 पंजीयन दर्ज हुए थे। पिछले साल तो मौसम की मार और पानी की कमी के कारण लोगों में गेहूं बोया ही नहीं था। इस बार उसके उलट अच्छी बारिश हुई तो किसानों की संख्या भी बढ़ गई। पिछले साल विपरीत हालातों के भी 1 हजार 300 से ज्यादा पंयजीन हुए थे। 
    सरकार ने गेहूं के लिए समितियों में पंजीयन कराने की तारीख 28 फरवरी तय कर रखी है। इस बार सरकार ने समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल रखा है। पिछले साल 1835 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकार ने खरीदी की थी। इस बार हालांकि भावांतर या बोनस की घोषणा सरकार ने नहीं की है। किसान यदि समितियों में गेहूं बेचेंगे तो ही उन्हें 1925 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे। यदि इसके उलट वे मंडी में अनाज बेचते हैं तो यह तय नहीं कि ये भाव मिले। क्वालिटी अच्छी रही तो इससे ज्यादा भी मिल सकते हैं और वहां आवक यदि बम्पर आवक रही तो दाम गिरने की संभावना भी रह सकती है।
      कई समितियों ने अपने क्षेत्र के गांवों में रजिस्ट्रेशन कराने के संबंध में डोंडी पिटवाकर किसानों को सूचना देने का काम शुरू कर दिया है। इधर समिति कार्यालयों में सूचना चस्पा कर दी है। उसके माध्यम से भी किसानों को बिना देर किए समिति कार्यालयों में जाकर पंजीयन कराने के लिए कहा जा रहा है।
      समिति प्रबंधक प्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि आखिरी समय में यदि किसान एकदम से पंजीयन कराने के लिए आते हैं तो उनपर दबाव रहता है। किसी कारणवश सर्वर में समस्या रही तो किसानों का कोपभाजन भी समिति के कर्मचारियों को बनना पड़ता है। ऐसे में किसान यदि अभी से पंजीयन करा लें तो ज्यादा बेहतर है। उनका कहना है पिछले साल के पंजीयन कराने वाले किसानों को सिर्फ अपना मोबाइल लेकर आना है। आधार और मोबाइल नंबर के जरिए उनका रजिस्ट्रेशन रिनीवल हो जाएगा। किसानों से आग्रह है कि वे अपना पंजीयन निर्धारित समय सीमा में करवायें ताकि उन्हें गेहूं विक्रय करने में कठिनाई न हो। पंजीयन उपरान्त सभी किसानों को पंजीयन पर्ची प्रदान किया जायेगी।