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जाति प्रमाणपत्र के लिए शहर के दलित, आदिवासी व मज़दूरों का बल्लभ भवन घेराव
February 10, 2020 • Vijay sharma

भोपाल । शहरी मज़दूर संगठन, कामगार महिला संघ, बहुजन यूनाइटेड फ्रंट, घरेलू कामगार महिला अधिकार संघ, जाति प्रमाण पत्र अधिकार संघ, मजल आदि के तत्वावधान में विट्ठल मार्केट में जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कानूनी दिक्कतों, व अन्य दस्तावेजों जैसे आधार, जन्म प्रमाण पत्र, इत्यादि के बनवाने में आ रही दिक्कतों पर दलित, आदिवासी व विमुक्त जाति के लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। 

पारदी समुदाय के अशोक पारदी ने बताया कि उनकी समुदाय को भोपाल,सीहोर और रायसेन जिले में अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर कर दिया गया है जिससे इन समुदाय के बच्चों की शिक्षा व रोज़गार के अवसर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। साथ ही जिन ज़िलों की अधिसूचना में अभी यह समुदाय इस सूची में है भी वहां भी 1950 या पहले के पुराने दस्तावेज सौंपने की शर्त के कारण यह प्रमाणपत्र बनाने में वो लोग असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने मांग रखी कि प्रमाण पत्र बनाने के नियमों में शिथिलता लाया जाए और कट ऑफ को या तो समाप्त किया जाए या फिर कट ऑफ को कम किया जाए। ज्ञातत्व हो कि देश भर में चल रहे नागरिकता की बहस में आदिवासी व विमुक्त समुदायों के नागरिकता पर बना खतरा बहुत ही डराने वाला है। धरने में शामिल हुए लोगों ने इस डर के ऊपर भी अपनी बात रखी और इस कानून को खारिज करने की मांग की। 

इसी तरह गोंड, अगरिया, भील, मुस्लिम, दलित व अन्य कई समुदाय के लोगों ने भी अपनी दिक्कतें साझा किए और अपनी माँगे सामने रखी। इन माँगों को लेकर करीब 200 लोगों ने बल्लभ भवन तक पैदल मार्च कर बल्लभ भवन का घेराव किया। मांगों का ज्ञापन लेकर एक प्रतिनिधि मंडल संबंधित अधिकारी से मिले व ज्ञापन उन्हें सौंपा। लोगों ने कहा कि यदि 20 दिन में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी रैली की जाएगी।