ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
जायडस का नॉन-सिरोटिक नैश बीमारी की पहली दवा बनाने का एलान
March 7, 2020 • Admin
डीजीसीआई द्वारा अनुमोदित सरोगलिटजर नॉन सिरोटिक नॉन एल्कोहोलिक स्टेटोहेपेटाइटिस के उपचार की दुनिया में पहली दवाई बनी
 
अहमदाबाद। नवाचार पर जोर देने वाली ग्लोबल फामाज़्स्युटिकल कम्पनी जायडस कैडिला ने शुक्रवार को घोषित किया कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने नई दवा सरोगलिटजर को भारत में नॉन सिरोटिक नॉन एल्कोहोलिक स्टेटोहैपेटाइटिस (नैश) के उपचार के लिए अनुमोदित कर दिया है। नैश लीवर की तेजी से बढने वाली बीमारी है जो लीवर में वसा जमने शुरू होती है और इसे नॉन एल्कोहोलिक फेटी लिवर डिजीज के रूप
मेेंं जाना जाता है। यह स्थिति सिरोसिस और लीवर फेल्योर की तरफ ले जाती है। यह बहुत बड़ी चिकित्सकीय समस्या है, क्योंकि नैश के उपचार के लिए दुनिया में अभी कहीं कोई अनुमोदित दवाई नहीं है। यह ऐसा रोग है कि जिससे दुनिया में 10 से 30 प्रतिशत तक जनसंख्या पीडि़त है। भारत मे करीब 25 प्रतिशत लोग नैश से प्रभावित हैं। नैश को सिरोसिस और एल्कोहोलिक लीवर डिजीज के बाद सिरोसिस का बड़ा कारण माना जाता है। एडवांस्ड सिरोसिस और लीवर फेल्योर के बाद लीवर ट्रांसप्लांट ही एक मात्र विकल्प बचता है। इस बारे में जायडस ग्रुप के चेयरमैन पंकज पटेल ने कहा हमें प्रसन्नता है कि नैश के रोगियों के लिए हम नई दवा की खोज कर सके क्योंकि इसकी पूरी दुनिया में बहुत जरूरत थी। सरोगलिटजर भारत में नैश से पीडि़त लाखों रोगियों के लिए उम्मीद की जीवनदायी किरण साबित होगी। सरोगलिटजर को भारत में सितम्बर 2013 में डायबिटिक डिसलिपिडिमिया और हाइपरट्रिगलीसेरिडिमिया के उन रोगियों के लिए जारी किया गया था जो टाइप 2 डायबिटीज के शिकार थे और जिनका सिफज़् स्टेटिन्स से उपचार नहीं हो रहा था। इस वर्ष जनवरी में सरोगलिटजर को टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस के उपचार के लिए अनुमोदित किया गया। पिछले सात वर्ष में करीब दस लाख लोग इस दवा से लाभान्वित हुए हंै।
सरोगलिटजर में ड्युअल पीपीएआर एल्फा और गामा प्रोपर्टीज है जो
कोमोरबिडिटीज को कम करता है और नैश का उपचार करता है। जायडस को एवीडेंसेज टू ट्रायल में सकारात्मक परिणाम मिले हंै। भारत में नैश के मरीजों में यह ट्रायल सरोगलिटजर 4 एमजी वसेज़्ज प्लेसिबो का तीसरे चरण का लीवर बायोप्सी ट्रायल है। ट्रायल में नैश के हिस्टोलॉजिकल इम्पु्रवमेंटस का मूल्यांकन किया गया। इसमें 52 सप्ताह के बाद लीवर बायोप्सी का इस्तेमाल किया गया और प्राथमिक व द्वितीयक एंडपॉइटंस सफलतापूर्वक प्राप्त किए गए। सरोगलिटजर 4 एमजी के सेवन से
लीवर फैट, लीवर एंजाइम्स और डिजीज एक्टिविटी में काफी कमी देखी गई। एवीेडेंसेज 1 जो फेज 2 का क्लिीनकल ट्रायल था, इसमें सरोगलिटजर ने नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज के मरीजों में लीवर एंजाइम्स में सुधार दिखाया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका में नैश के मरीजों पर सरोगलिटर एमजी के फेज 2 ट्रायल (एवीडेंसेज 4) में प्राइमरी और सैकेण्डरी एंडपॉइंटस मिले है। इसके परिणाम बोस्टन में आयोजित अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लीवर डिजीज की वार्षिक बैठक लीवर मीटिंग 2019 में प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा सरोगलिटजर के बारे में 15 इन्वेस्टगेटर्स की क्लीनिकल स्टडीज प्रमुख वैज्ञानिक जनरल्स और सम्मेलनों में प्रकाशित और प्रस्तुत की गई है। जायडस के बारे में जायडस कैडिला एक नवाचार आधारित ग्लोबल फर्मा कम्पनी है जो स्वास्थ्य और
उपचार से जुडी छोटी मॉलीक्यूल ड्रग्स, बायोलॉजिक थेरेप्यूटिक्स और
वैक्सीन्स की खोज करती है, उन्हें विकसित करती है और उनका निमाज़्ण कर विपणन करती है। समूह में 25 हजार लोग पूरी दुनिया में काम करते हैं।
इनमें 1400 वैज्ञानिक भी हैं जो शोध व अनुसंधान का काम करते हंै
और एक बेहतर और स्वस्थ समाज के सृजन के लिए प्रतिबद्ध हैं।