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जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लें, खदानों के चारो और बाउंडरी होना अनिवार्य : लवानिया
August 25, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

शहर के विभिन्न इलाकों, निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति का आंकलन करें
 भोपाल ।  कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है की वह लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण  करें। जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लें। शासकीय कार्यों में कोताही नहीं बरतें। यह निर्देश उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई समय-सीमा बैठक में दिये।  कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया की बाढ़, आपदा के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों, निचली बस्तियों का भ्रमण कर  स्थिति का आंकलन करें। लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। आम लोगों को समझाइश दें कि जलभराव वाले इलाकों में नहीं जाएं। नगर निगम जलभराव क्षेत्रों का सर्वे प्रारंभ कर जल भराव, कीचड़ और मलबे को शीघ्र हटाएं। 
 कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिये कि नगर निगम और समस्त एसडीएम अतिक्रमण को चिन्हित कर अपने क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियो के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही कर अतिक्रमण हटाये। कलेक्टर ने अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

 जलाशयों, तालाब, नदी-नालों के पास नहीं जाने की सलाह
 कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सभी शहर वासियों से वीडियो संदेश के माध्यम से अपील की है कि शहर में पिछले कुछ दिनों में भारी वर्षा होने के कारण सभी जलाशयों, तालाब, नदी नालों आदि का जलस्तर बढ़ा है, जिससेे किसी भी दुर्घटना और जन-हानि की आशंका रहती है। उन्होंने आम लोगों से आग्रह किया है कि वह स्वयं और अपने परिवार, बच्चों को समझाइश दें कि वे ऐसे जलाशयों एवं तालाबों से दूर रहे।  कलेक्टर ने कहा कि सतर्कता और सावधानी से ही बाढ़, आपदा से बचाव संभव है। संभवतः ऐसे जलाशयों और तालाबों के किनारे नहीं जाएं जिससे विपरीत परिस्थितियां निर्मित हो। उन्होंने बताया है कि इस विकट स्थिति में जिला-प्रशासन द्वारा निरंतर बचाव एवं राहत के कार्य किए जा रहे हैं। जलभराव क्षेत्रों और निचली बस्तियों से जल निकासी समस्याओं और परेशानियों को दूर किया जा रहा है। बचाव दल, रेस्क्यू टीम, होमगार्ड सहित  जिला-प्रशासन की टीम निरंतर ऐसे क्षेत्रों में निगरानी कर रही है।
 कलेक्टर ने खनिज अधिकरी से कहा है कि जिले की सभी खदानो, क्रेशरों का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट दें, सभी चलित और पुरानी खदानों के चारो ओर बाउंडरी होना चाहिए, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। साथ ही पानी भराव वाली जगहों पर चेतावनी के बोर्ड भी लगवायें। इसके साथ ही जिला-प्रशासन द्वारा बनाए गए नियंत्रण कक्ष द्वारा निरंतर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। राहत शिविरों के माध्यम से लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही  है। कलेक्टर ने शहर वासियों से कहा कि बारिश और जल भराव के समय सावधनी बरते और आपात स्थिति निर्मित होने पर तुरन्त कंट्रोल रूम, सम्बंधित एसडीएम, तहसीलदार या थाने में फोन कर सूचना दें। जिला प्रशासन हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।