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कार्पोरेट एवं उद्यौगपतियों को लाभ पहुँचाने श्रम कानूनों में परिवर्तन व कुछ कानूनों को समाप्त कर रही है सरकारें
May 28, 2020 • आलेख: प्रवेश मिश्रा • मध्यप्रदेश

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जानते थे कि देश के अन्य नागरिकों के साथ देश के मजदूरों ने भी आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योग दान दिया है और आजादी के पश्चात आर्थिक रुप से सबसे कमजोर वर्ग होने के कारण सत्ताशीन लोग विकास एवं औद्योगिकीकरण के नाम पर मजदूरों का शोषण न कर सकें इसलिये लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल को राष्ट्रीय स्तर पर मजदूरों का संगठन बनाने की सलाह दी। सरदार बल्लभ भाई पटेल नें राष्ट्रीय मजदूर काँग्रेस इंटक का गठन कराया। आजादी के बाद पं.जवाहर लाल नेहरु, श्री लालबहादुर शास्त्री, श्रीमति इंदिरा गांधी, श्री राजीव गाँधी की काँग्रेस सरकारों ने पूर्व श्रमकानूनों को और मजबूत किया तथा नये नये श्रम कानून बनाकर मजदूरों कर्मचारियों को शोषण के विरुद्ध सुरक्षा कवच पहनाया। स्व. राजीव गाँधी जी की सरकार के पश्चात कोई भी दल की सरकार रही हो श्रम कानूनों को कमजोर किया जाने लगा और यही हाल विभिन्न राज्य सरकारों का रहा? वर्तमान में श्री नरेन्द्र मोदी जी की भाजपा सरकार और उनकी राज्य सरकारें निरन्तर मजदूर एवं मध्यम वर्ग के विरुद्ध कार्य कर रही हैं। कार्पोरेट एवं बड़े बड़े उद्यौगपतियों को लाभ पहुँचाने श्रम कानूनों में अनावश्यक परिवर्तन और कुछ कानूनों को समाप्त करती जा रही है। विश्व व्यापी कोरोना महामारी के दौर में भी मोदी सरकार और मप्र, उप्र, गुजरात की भाजपा सरकारें कार्य के घण्टे 8 से बड़ाकर 12 करने, श्रमकानूनों को समाप्त एवं परिवर्तन कर मजदूरों का खुला शोषण करने की छूट उद्यौगपतियों, फेक्ट्री मालिकों को दे चुकी है। परिणाम तह: कर्मचारियों की छटनी, जबरन स्तीफे लेना, न देने पर तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का अन्तर प्रान्तीय स्थानान्तर करना चालू है। देश के श्रम मंत्री, प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं ने मौन धारण कर लिया है। जहां देश की सड़कों पर भूखे प्यासे मजदूर मर रहे हैं वहीं निजी क्षेत्र के असंगठित कर्मचारियों के बड़े वर्ग चालक, परिचालक, क्लीनर, मेकेनिक, हेल्पर, टैक्सी एवं आटो चालकों को भी न राशन दिया गया न आर्थिक मदद? मध्यबर्ग के न बिजली पानी के बिल माफ किये न राहत राशि दी? उल्टे टेक्स वसूली के फरमान आ रहे है? मप्र में तो लाँक डाउन में खड़ी वाहनों के भी टेक्स मांगे जा रहे हैं। भाजपा शासन में मजदूरों के शोषण की यह पराकाष्ठा है? माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी कृपया दमन चक्र रोकिये? नहीं तो गरीबों की हाय से आज तक कोई नहीं बच सका है? तुलसी हाय गरीब की, कबहुं न निस्फल जाय। मरे ढोर की खाल सों, लोह भस्म हो जाय।

मजदूर चिंतक

प्रवेश मिश्रा, महामंत्री मप्र ट्राँस.वर्कर्स फेड.इंटक एवं सचिव मप्र इंटक