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कार्यस्थल पर महिलाओं यौन उत्पीडऩ अधिनियम का पालन कराने शिकायत समिति का गठन नहीं तो लगेगा 50 हजार जुर्माना
February 7, 2020 • Vijay sharma

भोपाल। उप संचालक महिला एवं बाल विकास ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की मंशा के अनुरुप भारत सरकार ने महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम 2013 के संचालन के लिए राज्य शासन ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ अधिनियम 2013 निर्मित कर अधिसूचना जारी कर दी है । सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी विशाखा गाईड लाईन के तहत जहां प्रत्येक कार्यालय में शिकायत समिति का गठन होना था वहीं इस अधिनियम के तहत प्रत्येक कार्यालय में आंतरिक परिवाद समिति एवं जिले में स्थानीय परिवाद समिति के गठन करने के निर्देश हैं । अधिनियम की धारा 4 के अन्तर्गत समस्त कार्यस्थल का प्रत्येक नियोजक आतंरिक परिवाद समिति का गठन करेगा । यदि नियोजक आतंरिक परिवाद समिति का गठन नहीं करता है तो उसे 50 हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है ।