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कंटेनमेंट और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में कड़ाई से कराए नियमों का पालन : प्रमुख सचिव
June 12, 2020 • Admin

कंटेनमेंट क्षेत्रों में हैल्थ सर्वे, टेस्टिंग और सैंपलिंग में तेजी लाने स्वास्थ्य विभाग लगाये कैंप

भोपाल । भोपाल के सभी कंटेनमेंट और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर कटेंनमेंट नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। कंटेनमेंट जोन से किसी व्यक्ति को अन्य स्थान पर ना जाने दे। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग हेल्थ सर्वे, टेस्टिंग और सैंपलिंग की गतिविधियां व्यापक स्तर पर संचालित करे। आशा कार्यकर्ताओं से घर-घर हेल्थ सर्वे कर जांच का दायरा बढ़ाएं। आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाइयों, काढा का वितरण सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य फ़ैज़ अहमद किदवई ने यह महत्वपूर्ण निर्देश आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई कोरोना की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में कलेक्टर तरुण कुमार पिथोड़े, डीआईजी शहर इरशाद वली, समस्त अपर कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रभाकर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित थे। प्रमुख सचिव श्री किदवई ने निर्देश दिए कि कंटेनमेंट क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग मेडिकल कैंप लगाएं। कोरोना संक्रमण रोकने के लिये व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा शहर में संक्रमण को रोकने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए जाना जरूरी है जिससे इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। शहर में स्लम एरिया और बस्तियों में विशेष ध्यान दिया जाए। कम्युनिटी स्प्रेड को फैलने से रोका जाए। ऐसे शासकीय सेवकों की सूची तैयार की जाए जो कहीं ना कहीं इन स्लम एरिया और बस्तियों में रहते हैं। स्लम एरिया में पुलिस अपनी गश्त बढ़ाएं। कटेनमेंट क्षेत्र मे बैरिकेडिंग कर आवाजाही को पूर्णतः प्रतिबंध करें। जिला प्रशासन प्रवेश और निर्गम द्वार पर मेडिकल टीमें तैनात करें जिससे आवागमन को प्रतिबंध किया जा सके और व्यक्तियो को जोन से बाहर जाने से रोका जा सके। कोविड केयर सेंटरों पर आवश्यक सेवाओं का विस्तार किया जाये। भर्ती मरीजो की देख-रेख और उपचार निरंतर क्रियाशील रहे। श्री किदवई ने कहा की बनाये गए कोविड केयर सेंटर आयुष परिसर, खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल, शासकीय होम्योपैथिक अस्पताल और श्रमोदय हॉस्टल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाये। कंटेनमेंट क्षेत्र में रहने वाले डॉक्टर, होम्योपैथिक-आयुर्वेदिक और हकीम के पास अपने ईलाज के लिए पहुँच रहे लोगों की हिस्ट्री प्रतिदिन इन कंटेंटमेंट क्षेत्रों से अपडेट ले। एनजीओ और वॉलिंटियर्स के माध्यम से कंटेनमेंट क्षेत्रों में अन्य वस्तुओं की आपूर्ति के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएं। कंटेनमेंट क्षेत्रों में जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त कार्यवाही करें। इन क्षेत्रों में आमजनों को कोरोना संक्रमण से जागरूकता के लिए वहां की महिलाओं को आगे लाएं जिससे महिलाएं भी परिवार और आस-पड़ोस के लोगों को समझाइश दे सकें और बचाव के तरीके सिखा सकें। कलेक्टर श्री तरुण कुमार पिथोड़े ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि शहर को संक्रमण से मुक्त करने के लिए कई एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। जिला और पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर कंटेनमेंट क्षेत्रों और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में सैंपलिंग के कार्य को बढ़ाया गया है। अब तक 66 हजार से अधिक लोगों की सेम्पलिंग की गई है। अकेले जहांगीराबाद क्षेत्र में 8,311 लोगों का सेम्पलिंग की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि गैस राहत के माध्यम से 19 और जिले मे 59 फीवर क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं जिसमें गैस पीड़ित व्यक्तियों के साथ सभी का इलाज़ और स्क्रीनिंग कर उपचार और स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है। खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 300 और श्रमोदय हॉस्टल में 500 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया गया है, जिसमें वर्तमान में 172 लोगों को रखा गया है। इसके अतिरिक्त अन्य व्यवस्थाएँ और गतिविधियां जागरूकता की दिशा में कार्य किया जा रहा है।