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खरगौन: आवारा कुत्तों का आतंक
March 3, 2020 • Vijay sharma

खरगोन । मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर गांव सेगांव में आवारा एवं बीमार ग्रस्त कुत्ते के बढ़ते हुए प्रकोप को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की गई थी, शिकायत पर ग्राम पंचायत सचिव संतोष राठौर द्वारा मनमाने तरीके एल 1 अधिकारी को प्रतिवेदन दिए की ग्राम सेगांव में ग्राम सभा प्रस्ताव अनुसार व लोगों के कथन अनुसार ग्राम सेगांव में आवारा कुत्ते वह बीमार कुत्ते की समस्या नहीं है उसी प्रतिवेदन अनुसार बगैर जांच बगैर प्रमाण करें एल 1अधिकारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर प्रतिवेदन डालकर गुमराह किया गया एल 1अधिकारी के प्रतिवेदन अनुसार एल 2 अधिकारी ने भी उसे ही मान्य  कर दिया गया।, फिर एल 2 अधिकारी के मान्य करने के बाद एल 3 अधिकारी ने प्रमाणित शिकायतों को एल 1 के पत्र अनुसार शिकायतों को बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता द्वारा हॉस्पिटल की प्रमाणित कॉपी जिसमें गांव के ही 42 लोगों को आवारा एवं बीमार कुत्तो ने शिकार बनाया था वह ग्राम के ही कनक पिता महेश मुकाती को आवारा कुत्तों ने लहू लुहान कर दिया था जिसके हाथ में 23 टांके आए थे। समय-समय पर मीडिया द्वारा भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाया था कि ग्राम में आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है शिकायतकर्ता द्वारा सारे प्रमाणित कागज मुख्यमंत्री कमलनाथ  मध्यप्रदेश शासन भोपाल, अतिरिक्त संचालक सुरेश आर्य, गोरी सिंह अवर सचिव मध्यप्रदेश शासन भोपाल,  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत खरगोन को स्पीड पोस्ट द्वारा प्रमाणित कागज भेज कर पुन: शिकायतों की जांच करने हेतु निवेदन किया था। विकास आयुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा 22-11-2019 को कलेक्टर जिला खरगोन को पत्र क्रमांक 11961 द्वारा बिना निराकरण करें ही शिकायत को फोर्ज  क्लोज करने हेतु संबंधित पर कार्यवाही करने हेतु आदेश दिए, जिसकी प्रतिलिपि आवश्यक कार्य हेतु संभाग आयुक्त संभाग इंदौर को व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को भी सूचना प्रेषित की गई। कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा राहुल चौहान डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार तहसील सेगांव को गलत तरीके से सीएम हेल्पलाईन को फौर्ज  क्लोज किये जाने संबंधित हेतु जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। राहुल चौहान ने ग्राम के ही हॉस्पिटल में जा कर बीएमओ से पूछताछ की गई वह वहां की प्रमाणित सूची ली गई जिसमें गांव के नागरिकों को आवारा कुत्तों द्वारा काटा गया वह ग्राम वासियों के कथन लिए गए। राहुल चौहान द्वारा उच्च अधिकारियों को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जांच के  संबंध में अभिमत में बताया गया कि वर्तमान में आवारा एवं बीमार कुत्तों की समस्या बनी हुई है और ग्राम पंचायत द्वारा की गई कार्रवाई संदेहास्पद प्रतीत होती है।जांच में शिकायतकर्ता की शिकायतें सही पाई गई उसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत सचिव संतोष राठौर के ऊपर कार्यवाही ना करना कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है।