ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
किसानों के विकास के नए आयाम हेतु योजनाओं में पर्याप्त सुधार की जरूरत है
October 4, 2020 • शैलेश सिंह कुशवाह वरिष्ठ पत्रकार ग्वालियर • मध्यप्रदेश

भारत में किसानों की दशा सुधारने के लिए बहुत बड़े बदलाव की जरूरत है एक और कृषि और कृषि से जुड़े व्यवसाय में किसानों की अहम भूमिका होनी चाहिए लेकिन भारत देश में कृषि तो किसान ही करेंगे लेकिन कृषि से जुड़े व्यापार मैं किसानों की भूमिका नगण्य है किसानों से माल खरीद कर व्यापारी दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है और किसान भूखों मरने की कगार पर पहुंच रहा है देश के हर प्रांत में किसान आत्महत्या तक करने पर मजबूर हो रहा है और कई किसान तो थक हार कर मौत को ही गले लगा लेते हैं इससे हम अंदाजा लगा सकते हैं कि भारत में किसानों की हालत क्या है अब बात करें किसानों के विकास की या किसानों से जुड़ी योजनाओं की तो इन योजनाओं को ऐसे लोग बनाते हैं जिन्हें ठीक से कृषि का ज्ञान भी नहीं है वह लोग भला कृषि के विकास के लिए क्या योजनाएं बना पाएंगे उनको ठीक से यह भी  नहीं मालूम कि रवि की फसल में कौन-कौन सी फसलें बोई जाती हैं खरीफ की बुवाई मैं किन फसलों का योगदान होता है फिर वह कैसे किसान के विकास की प्रभावी योजनाएं बना पाएंगे यही हमारे देश का दुर्भाग्य है एसी में बैठ कर कृषि योजनाएं बनाने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि कृषि बहुत मेहनत का व्यवसाय है गर्मी और सर्दी से पृथक किसान किस तरह जूझता है यह उनको मालूम नहीं होता आज भी किसानों से जुड़ी योजनाओं को अमलीजामा वही लोग पहना रहे हैं जिनको कृषि का ठीक से ज्ञान भी नहीं है इसी कारण कृषि और कृषि से जुड़ी योजनाएं धरातल पर फेल हो रही हैं क्योंकि जो योजनाकार हैं उनको हकीकत का ज्ञान ही नहीं है और जो हकीकत के जानकार हैं उनको योजना बनाने का मौका ही नहीं मिलता इस कारण अधिकांश परियोजनाएं बनने के पहले की दम तोड़ देती हैं और कृषि विकास का मॉडल विकसित होने के पहले ही बिगड़ जाता है इसी का परिणाम है कि न तो किसान की आमदनी में वृद्धि होती है और नहीं किसान की स्थिति में सुधार हो पाता है योजनाएं वही ढाक के तीन पात बनकर रह जाती हैं किसान की स्थिति फटे हाल बनी रहती है इसमें सुधार करने के लिए ऐसे लोगों की कमेटी बनाई जाए जो किसान की समस्या को हकीकत में वर्णित कर सके और उसके आमदनी वाले स्रोतों का इन योजनाओं में समावेश होना चाहिए तभी हम किसान की आर्थिक स्थिति में सुधार की व्यापक योजना बना पाएंगे इसी से हकीकत में किसान की आमदनी बढ़ पाएगी ।