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कोरोना से 24 से अधिक गैस पीडि़तों की मौत हो चुकी है: रचना ढींगरा
May 14, 2020 • Admin
सीएमएचओ प्रभाकर तिवारी पर कोविड-19 की गलत जानकारी देने का आरोप
भोपाल। राजधानी में कोरोना संक्रमण से उपचार के दौरान  35 मरीजों की मौत हमीदिया व एम्स अस्पताल में हुई हैं। जिनमें से 24 मौतें गैस पीडि़तों की उपचार के दौरान या अस्पताल के बाहर ही हो गई हैं। राजधानी में कोरेाना संक्रमितों को लेकर प्रदेश सरकार ने चिरायु बीएचएमआरसी, हमीदिया व एम्स अस्पतालों को चिन्हित किया था। इन अस्पतालों  कोविड-19 के मरीजों को कोरोंटाईन किया जाने लगा था। उसके बाद इस दौरान जब गैस पीडि़तों की मृत्यु अधिक होने लगी और मृतकों के परिजनों के द्वारा हंगामा खड़ा किया गया तब बीएचएमआरसी को कोरोना से मुक्त कर गैस पीडि़तों के लिए शुरू किया गया। वर्तमान में राजधानी में मृतकों की संख्या 35 तक पहुंच गई है। जिसमें से बताया जाता है कि 24 मृतक गंभीर गैस पीडि़त हैं जिनकी मौत कोरोना के संकमण में आने से हुई हैं। यह सभी हमीदिया व एम्स अस्पताल में कोरोंटाईन के दौरान या फिर अस्पताल परिसर में जगह ना मिलने के कारण हुई है। कोरोना संक्रमितों मरीजों का सबसे अधिक  चिरायु अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया जा रहा है। उनमें से अभी तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई । वहीं शासकीय अस्पताल मेंं जितने मरीज पहुंचे अधिकतर की मौत ही हुई है। ऐसा क्या कारण रहा है कि शासकीय अस्पताल में डॉक्टर या फिर दवाई नहीं हैं या फिर और कोई बात है जिसे जनता को अनभिज्ञ रखा जा रहा है। 
गैस पीडिय़ों के अधिकारों के लिए वर्षों से संघर्षरत रचना ढींगरा ने बताया कि राजधानी में अभी तक कोरोना से हुई मौतों सबसे अधिक गैस पीडि़तों की हुई है वह पहले से ही गंभीर बीमारी कोरोना के संक्रमण में सही समय पर उपचार ना मिल पाने से मौत हुई है। अभी तक हुई मौतों में 80 प्रतिशत गैस पीडि़त है, जिसमें से 75 प्रतिशत हमीदिया अस्पताल में 15 प्रतिशत अस्पताल के बाहर और 10 प्रतिशत एम्स और 6 प्रतिशत की चिरायु में मौत हुई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने चिरायु अस्पताल को कोरोना के मरीजेां के लिए अधिकृत किया है लेकिन वहां गंभीर मरीजों को भेजा नहीं जा रहा है। जिससे उनके यहां पर कोरोना संक्रमित के मरने की शिकायत कम रही है। रचना ढंीगरा का कहना है कि कोरोना के सभी पीडि़तों को चिरायु अस्पताल में भेजा जाए।  क्योंकि वहां पर 800 बेड हैं जितने राजधानी में अभी तक मरीज ही नहीं आए है और वह कोविड 19 के लिए सरकार ने अधिकृत कर रखा है। हमीदिया अस्पताल में संसाधनों की कमी हैं बहुत सारे डॉक्टर कोरोंटाइन हैं सीनियर डॉक्टर संक्रमण के डर से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। 
 
सीएमएचओ के आंकड़े भी अलग अलग 
जब से भोपाल में कोरोना मरीजों की जांच शुरू की गई तक से कुछ दिन तक तो बिल्कुल सही जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा दी गई थी लेकिन कुछ दिनों बाद ही कोविड संक्रमितों के आंकड़ों में विरोधाभास होने लगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी बुधवार को जारी किया गया कोविड-19 के मरीजों के आंकड़ों में विरोधाभास सामने आया है। सीएमएचओ के द्वारा जारी तालिका में 28 मरीजों के स्वस्थ होकर घर जाने की जानकारी दी गई है वहीं प्रेस विज्ञप्ति में 14 मरीजों के स्वस्थ होने की जानकारी दी गई है। इसी तरह से ठीक होने व शेष कोरोनटाईन के आंकड़ों में भी इसी तरह का विराधाभास सामने आया है। यह आंकड़ों में विरोधाभास क्यों किया जा रहा है यह समझ से परे है।