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कोटरा- बेरीकेडिंग के विस्तार ने बढ़ाई समस्या
June 23, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

सरस्वती स्कूल के पास संक्रमित क्षेत्र से काफी दूर तक के इलाके को कंटेनमेंट जोन बनाया

भोपाल। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए कंटेनमेंट जोन बनाने का फॉर्मूला राजधानी में लोगों की समझ से परे हो रहा है। कोटरा सुल्तानाबाद में जहां मरीज मिले उसके अलग एक बड़े क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है जिससे रहवासियों को खासी परेशानी हो रही है। मरीजों के लिए भी बेरीकेडिंग मुश्किल का सबब बन गई है। सरस्वती स्कूल, कोटरा सुल्तानाबाद में 20-25 दिनों से मुख्य मार्ग बंद होने से रहवासियों एवं उपचाररत मरीजों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कोटरा में कोरोना के एक साथ बड़ी संख्या में मरीज मिलने के बाद हुई इस बेरीकेडिंग में वह इलाके भी घेर लिए गए जो संक्रमित क्षेत्र से दूर हैं। चारों तरफ से हुई इस घेराबंदी से लोगों के लिए सामान्य आवाजाही मुश्किल हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और मरीजों को हो रही है जिन्हें कंटेनमेंट बनाए गए क्षेत्र से बाहर जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि संक्रमण को रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन बनाना जरूरी है ताकि प्रभावित क्षेत्र के लोगों से अन्य जगहों के लोगों का संपर्क ना हो सके लेकिन कोटरा में संक्रमित क्षेत्र से ज्यादा दिक्कत अन्य क्षेत्र के लोग बेरीकेट लगने से उठा रहे हैं। बार-बार नए मरीज मिलने से कोटरा में बेरीकेट स्थाई रूप से लगे हुए हैं। कंटेनमेंट जोन के लिए तय गाइड लाइन के अनुसार संक्रमित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की घर पहुंच सेवा देना जरूरी है लेकिन कोटरा में इसका अभाव है इसलिए लोगों को अपनी जरूरत का सामान लेने बाहर निकलना पड़ता है लेकिन बेरीकेट लगे होने के कारण उन्हें खासी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय रहवासियों ने जिला प्रशासन ने कोटरा के कंटेनमेंट जोन की समीक्षा कर उचित कदम उठाने की मांग की है। कोटरा में सरस्वती स्कूल को बारहवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए केन्द्र बनाया गया था लेकिन बेरीकेट से घिरे होने के कारण छात्रों को भी आने में परेशानी हो रही है उन्हें बेरीकेट पार कर परीक्षा देने आना पड़ रहा है जिससे छात्र और उनके अभिभावकों में भय बना हुआ है।