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कोविड-19 के साथ डेंगू, मलेरिया के मरीजों की भी हो रही खोज
June 28, 2020 • Admin • स्वास्थ्य

कलेक्टर ने समीक्षा के बाद महासर्वे अभियान का किया निरीक्षण

भोपाल । कलेक्टर अविनाश लवानिया ने जिले में चल रहे महासर्वे अभियान का निरीक्षण कर कंट्रोल रूम में स्कैनिंग और सैंपल टीम के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि यह सर्वे 2 दिन में पूर्ण हो जाएगा जिसमें 5 लाख लोगों का सर्वे हो चुका होगा। सर्वे में सार्थक एप्प पर दर्ज सर्दी, खांसी, बुखार और संदिग्ध मरीजों की सूची आने के बाद उनकी स्क्रीनिंग और सैंपल की कार्रवाई लगातार चलती रहे जब तक एंट्री किए हुए सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग सेंपलिंग नहीं हो जाती तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इसके साथ ही गैस प्रभावित वाले क्षेत्रों में यहां पर गैस पीड़ित रहते हैं वे सभी लोग हाई रिस्क में हैं और विशेषकर 60 वर्ष से ऊपर से के उम्र के लोगों को हाई रिस्क में रखा गया है। इन सभी लोगों की पुनः स्क्रीनिंग की जाएगी, इसके लिए अलग से अभियान चलाया जाएगा । बैठक में डीआईजी इरशाद वली, नगर निगम आयुक्त बीएस कोलसानी, एडीएम सतीश कुमार एस, आशीष वशिष्ठ, विकास मिश्र और नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि इस महासर्वे अभियान का उद्देश्य कोरोना संक्रमण को खत्म करने के साथ ही मलेरिया डेंगू की बीमारियों को भी रोकना है इसके लिए घर-घर डेंगू लार्वा को नष्ट करने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है । मलेरिया विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी द्वारा रेपिड किट से मलेरिया की जांच की जा रही है, इसमें 3 मिनट के अंदर ही जांच रिपोर्ट आ जाती है। इसके साथ ही बस्तियों में जहां कभी ना कभी कोई कोरोना संक्रमण का केस मिला था उन सभी जगहों पर सर्वे कराया जा रहा है। सेनेटाइजेसन, डेंगू लार्वा की जांच, मलेरिया की जांच, दवाईयों का वितरण, फीवर क्लीनिक की जानकारी विगत 10 दिनों की मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी भी ली जारही है। इसके बाद शाम को 6:00 बजे से मच्छर मारने की दवाई की फॉगिंग भी जा रही है। इस अभियान में नगर निगम सक्रिय भागीदारी निभा रहा है जिसमें खाली पड़े प्लाटों पर यदि पानी भरा है तो पानी निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है जिन जगहों पर पानी निकासी नहीं हो सकती पानी के टैंक वाली जगहों पर मच्छर को मारने के लिए गम्बूशिया मछली और दवाई का छिड़काव भी पानी पर किया जा रहा है। सर्वे के सभी आंकड़े लगभग चार से पांच दिन में कंप्लीट होने के बाद ही उसकी समीक्षा कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 1 जुलाई से प्रदेश में कोरोना किल अभियान चालू होगा इसके लिए भी सभी कार्य दल 1 जुलाई से कार्य करेंगे और जिले की अन्य जगहों पर इन सब सर्वे अभियान को पुनः चालू किया जाएगा। सर्वे टीम को यह भी कहा गया है कि सभी लोगों को फीवर क्लीनिक के बारे में विशेष रूप से बताएं इसके लिए जगह-जगह पंपलेट और पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। कोई भी सर्दी, खांसी का मरीज मिलता है ऐसे सभी लोगों को फीवर क्लीनिक में जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसके साथ ही प्राइवेट नर्सिंग होम निजी चिकित्सालयों से भी सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों का डाटा लिया जा रहा है साथियों को निर्देशित भी किया गया है कि इसकी जांच के लिए की फीवर क्लीनिक रिफर करें और उसका डेटा जिला स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए। जिससे उनकी यथासंभव जांच हो सके साथ ही अन्य बीमारियों की जांच भी संभव हो सके।