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लेखक व एनसीपी नेता डॉ राजन सिंह को भेजा जेल, मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ का मानहानि किया केश
July 31, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर भारी पड़ा 21 वर्षीय राजन

सरकार की कमियों को उजागर करना भारी पड़ा लेखक को
भोपाल।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की कोरोना रिपोर्ट  ऑर चिरायु अस्पताल को लेकर दो दिन पहले एनसीपी नेता व लेखक डॉ राजन सिंह के द्वारा  प्रेस को जानकारी दी गई थी जिसको लेकर मुख्यमंत्री की रिपोर्ट पर  क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी अनुसार  एनसीपी नेता व लेखक राजन सिंह के द्वारा 27 जुलाई सोमवार को मुख्यमंत्री की कोरोना लोजितिव रिपोर्ट को लेकर प्रेस वार्ता की गई थी जिसमें राजन सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी कोरोना रिपोर्ट झुंठी है। जिसकी उन्होंने प्रेस को प्रति भी दिखाई थी।  जो कि 23 जुलाई को जारी की गई थी । उस रिपोर्ट को लेकर उन्होंने चिरायु अस्पताल के डॉ गोयनका पर भी सवाल उठाया था। उसका मुख्य करना था कि रिपोर्ट में कहीं भी पदनाम, शील व हस्ताक्षर नहीं थे। फिर बाद में 26 जुलाई की रिपोर्ट आई जिसमें  पहली रिपोर्ट की कमियां को दूर करते हुए पूरी थी। इसी तरह उन्होंने अन्य मुद्दे भी उठाए थे। यह पहली बार नहीं है कि जब राजन सिंह ने जनता के हित में आवाज उठाई हो। विगत  3 माह से लगातार सरकार की कमियों को व जन हितैषी मुद्दे उठाए गए है। जिन पर मुख्यमंत्री ने सुधार तो नहीं किया बल्कि उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले राजन सिंह को हूं उठवा लिया। ऑर तो और उसके ऊपर 1 करोड़ का मानहानि का केश कर दिया। मुख्यमंत्री एक 21 वर्ष के युवा नेता व लेखक की आवाज को दबाने के लिए उन्होंने पुलिस का सहारा लिया। जबकि चाहते तो इस मामले में नोटिस भी दिया जा सकता था। उसके बाद संतुष्ट ना होने पर न्यायालय में मानहानि का मामला दर्ज कराया जा सकता था पर ऐसा किया नहीं। मतलब साफ है कि उन्होंने उं लोगों को संदेश से दिया कि मेरे या मेरी सरकार के खिलाफ आवाज  जो भी आवाज उठाएगा। वह जेल जाने व 1 करोड़ की राशि तैयार रखे।  एक बात तो अवश्य है कि राजन सिंह से कहीं ना कहीं मुख्यमंत्री जी दर जरूर गए हैं अन्यथा इतना बड़ा मामला नहीं था कि आनन फानन में सीधे क्राइम ब्रांच में प्रकरण दर्ज करवा दिया।