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म.प्र.के वेरोजगार भूखे बस कर्मचारियों के हितार्थ देश के परिवहन, वित्त एवं श्रम मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
July 31, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपाल। केंद्र सरकार के द्वारा पूरे देश में 22 मार्च को लॉक डाउन घोषित किया गया था। जिससे  मध्यप्रदेश में निजी बस कर्मचारियों  को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। आज भी प्रदेश में निजी बसों के संचालन की लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए गए। वहीं बस संचालकों को भी टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई।  इन सभी समस्याओं को लेकर मप्र ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन इंटक ने केंद्रीय परिवहन मंत्री, वित्त मंत्री, श्रममंत्री को पत्र भेजा गया है। मप्र ट्राँसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन इंटक के प्रवक्ता विजयकुमार शर्मा ने बताया कि यात्री बसों के  परेशान स्टाफ को राहत  फेडरेशन इंटक महासचिव प्रवेश मिश्रा ने ट्यूटर एवं मेल भेज कर हस्तक्षेप की मांग की है। महासचिव श्री मिश्रा ने कहा है कि देश के परिवहन कर्मचारियों एवं मालिकों के मुखिया लोकप्रिय परिवहन मंत्री, नितिन गड़करी जी, वित्त मंत्री निर्मलाशीता रमन, श्रममंत्री संतोष गंगवार ।म.प्र.की यात्री परिवहन व्यवस्था पूर्णरुप से निजी हाथो में है ।22 मार्च जनता कर्फ्यू फिर लाँकडाउन और वर्तमान में बड़ते कोरोना संंकृमण के कारण 22 मार्च से आज तक बसें बन्द है । मध्य प्रदेश में निजी बसों पर लगभग1.50 लाख चालक, परिचालक,हेल्पर, एजेन्ट, मेकेनिक, आवाज लगाने वाले हाकरों एवं 28000 बस संचालकों के परिवारों का जीवन निर्भर है।प्रदेश में बसों के कर्मचारी भूँखों मर रहे हैं और संचालक सरकार द्वारा खड़ी बसों का टैक्स मागे जाने और बस संचालन लायक परिस्थितिया न होने से भारी संकट में हैं।इसलिये म.प्र.सरकार से कर्मचारियों को निशुल्क राशन, एवं 7500 रुपये प्रतिमाह राहत राशि दिलाने और खड़ी यात्री बसों का टैक्स माफ कराने का कष्ट करें।