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महामाई बाग के नाले पर दबंगाई से कब्जा, सरकार मौन
July 27, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

 पांच हजार परिवारों को आवागमन में हो रही परेशानी
भोपाल। एक बार फिर राजधानी के बीचो- बीच शासकीय जमीन पर अवैध कब्जेधारियों का गिरोह सक्रिय हो गया हैं। पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों की सांठ- गांठ  का फायदा उठाकर यह गिरोह शहर में शासकीय जमीन व अन्य विभाग की जमीन पर कब्जा कर दंबगाई दिखा रहा हैं। इसका जीता- जागता उदाहरण है रेलवे स्टेशन के पास स्थित महामाई का बाग। जहां दबंग लोग नाले की जमीन पर नगर निगम के चेतावनी बोर्ड  को भी नजरअंदाज कर बेखौफ धड़ल्ले से निर्माण कर रहे हैं। जिस पुलिया के पास नाले की जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा है , उसके निर्माण के बाद वहां रहने वाले पांच हजार परिवारों को रोज आवागमन और भविष्य में बाढ़, आगजनी जैसी आपदा पर राहत 
कार्य या बचाव कार्य को भी नहीं पहुंचाया जा सकता जिससे निकट भविष्य में भयंकर जनहानि से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
 प्रदेश के मुखिया भी जता चुके है चिंता, लेकिन अधिकारी और पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
 प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह भी  शहर नगर में हो रहे अतिक्रमण पर चिंता जता चुके है लेकिन अब तक मुख्यमंत्री जी के निर्देश को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन गंभीरता से लेता दिखाई नहीं दे रहा हैं। जिसके कारण भूमाफियां लोग तेजी से शासकीय जमीन-प्लाट पर कब्जा कर रहे हैं।

सरकार से मुआवजा लेकर भू स्वामी ने दोबारा जमीन को बेचा  
महामाई के बाग के रहवासियों का कहना है कि 80 फीट रोड़ के बनने से पहले तत्तकालीन सरकार ने उक्त भूस्वामी की जमीन को अधिकृत कर उसको सडक़ बनने से पहले  उसको  जमीन के  उचित मुआवजे की मोटी रकम दी थी, जिसके बाद भूस्वामी द्वारा उसी जमीन के पास स्थित नाले के पास  सफाई के लिए छोड़ी गई जमीन के कुछ हिस्से को दोबारा निजी दबंग व्यक्ति को बेच कर  फर्जी तरीके से धोखाधड़ी की है और वहां रह रहे परिवारों को निकट भविष्य में सामूहिक जनहानि के लिए  मौत के मुह में धकेल दिया हैं।  

 प्रशासन में रिश्तेदार के उच्च पद का दिखाते है रौब 
रहवासियों ने बताया कि इस आम रास्ते पर दबंग लोगों द्वारा कब्जा कर मकान व अतिक्रमण करने से पुलिया सकरी हो जायेगी। यह  केवल एक मात्र रास्ता है जो कि यहां के रहवासियों को मुख्य मार्ग से जोड़ता है लेकिन अब पुलिया के मार्ग पर अवैध कब्जा होने पर यहां रहने वाले पांच हजार परिवारों को मुख्य मार्ग के लिए आवागमन करने  के लिए भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि नाले की जमीन पर कब्जा करने वाले परिवार का कोई करीबी रिश्तेदार प्रशासन के उच्च पद पर है जिसके प्रभाव का रौब दिखाकर वहां पहुंचने वाले अधिकारियों को चलता कर दिया जाता हैं। जिसके कारण कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है और पूरा प्रशासन मौन धारण किये हुए हैं। अब देखना यह है कि आखिर कब तक महामाई बाग के लोगों की गुहार  सरकार के कानों तक पहुंचेगी और कब्जेधारियों पर कार्रवाई मुमकिन हो सकेगी। 

सरकार और प्रशासन से मांग
यहां रहने वाले रहवासियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द - जल्द महामाई बाग की पुलिया और नाले पर हो रहे अवैध अतिक्रमण करने वाले कब्जेधारियों पर कार्रवाई कर पुलिया व मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर वहां के रहवासियों के आवागमन को सुचारू करे ताकि एक सभ्य और भयमुक्त समाज बनाने में सहयोग करे  ताकि लोगो में सरकार और प्रशासन पर विश्वास कायम रहे सके।