ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
मत्स्य उत्पादन एवं विकास के लिए नवीन तकनीकी को बढ़ावा दिया जाये: लवानिया
July 8, 2020 • Admin

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना क्रियान्वयन तथा मत्स्य विकास की जिला स्तरीय बैठक संपन्न भोपाल। कलेक्टर अविनाश लवानिया की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना क्रियान्वयन तथा मत्स्य विकास की जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक मे आगामी कार्यो के संबंध में और वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 की कार्ययोजना और प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत विकास मिश्रा,  बिरेंद्र चौहान मत्स्य विभाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने भोपाल जिले में मत्स्य उत्पादन एवं मत्स्य विकास हेतु नवीन तकनीकी संसाधनों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की बायोफॅलाक, केज कल्चर, आर.ए.एस, क्योस्क, फिश फिड मिल, परिवहन हेतु मोटर साईकल विथ आईस वॉक्स, आटो मोबाईल मार्केटिंग वैन, इंसुलेटेट ट्रक इत्यादि का मत्स्य उत्पादन तथा रोजगार सृजन के लिए विभाग द्वारा केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन का बेहतर प्रबंध किया जाये जिससे जिले में मत्स्य उत्पादन से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। कलेक्टर ने कहा की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत क्लस्टर विकास को प्राथमिकता देते हुए जिले में बैरसिया विकास खण्ड में ग्राम गोलकुन्डा एवं फंदा विकास खण्ड में ग्राम डोबरा जागीर तथा कलियासोत डेम के समीप क्लस्टर विकास को बढ़ावा दिया जाये। उन्होंने कहा की शहर में मत्स्य उत्पादन श्रमता को बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकी संसाधनों को उपयोग में लाया जाए। बैठक में सहायक संचालक बिरेंद्र चौहान, मत्स्य ने विभाग की योजनाओं एवं लक्ष्य के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया की कुल योजना लागत में अनुदान राशि का केन्द्राश: 60 और राज्य अंश 40 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत कुल योजना लागत में सामन्य, पिछड़ा वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अनुदान तथा अनुसूचित जाति,जनजाति, महिला वर्ग के लिए 60 प्रतिशत अनुदान राशि का प्रावधान किया गया है तथा शेष राशि हितग्राहियों द्वारा वहन की जा रही है। मत्स्य संपदा योजनांर्गत मत्स्योत्पादन को बढ़ावा देने के लिये हितग्राहियो को स्वयं की भूमि में बायोफ्लाक योजना अंतर्गत 4 मीटर डाय एवं 1.5 मीटर गहराई के 7 टेंक को एक यूनिट माना गया है। प्रत्येक यूनिट में लगभग 7 टन मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत बड़ी फिश फिड मिल का भी प्रावधान है। जिले में प्रदेश स्तरीय प्रथम बड़ी फिश मिल लगाई जा रही है। इससे जिले के मत्स्य कृषकों को कम दाम पर मत्स्य अहार उपलब्ध कराया जा सकेगा।