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मेल लोको पायलट ट्रेन के सामने कूदा, मौत, रनिंग स्टाफ में आक्रोश,
August 14, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

जबलपुर।  पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के सीनियर डीईई (टीआरओ) सुरेन्द्र यादव पर प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए जबलपुर में पदस्थ वरिष्ठ मेल लोको पायलट हैरीसन जॉन ने रविवार की देर शाम महाकोशल एक्सप्रेस के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. श्री जॉन के आत्महत्या करने की खबर फैलते ही लोको रनिंग स्टाफ में आक्रोश फैल गया है। मौके पर बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी जमा हो गये हैं, जो नारेबाजी कर रहे हैं. श्री जॉन पिछले कई दिनों से काफी तनाव में चल रहे थे, उन्हें सीनियर डीईई टीआरओ द्वारा दो-दो गंभीर सजा देते हुए जहां उन्हें मेल लोको पायलट से पदावनत करते हुए शंटर बना दिया था, साथ ही उनका वेतनमान भी घटाते हुए 66 हजार रुपए बेसिक से सीधे 34 हजार 500 रुपए कर दिया था। घटना के संबंध में बताया जाता है कि कांचघर क्षेत्र में रहने वाले हैरीसन जॉन पिछले कई दिनों से काफी तनाव में थे, उन्हें वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरओ) सुरेंद्र यादव द्वारा एक ही आरोप में दो-दो बड़ी सजाएं दे डाली, इस सजा के खिलाफ श्री जॉन व उसका पूरा परिवार पिछले कई दिनों से मंडल के आला अधिकारियों से गुहार लगाते हुए रियायत की मांग कर रहा था, पिछले दिनों परिवार एडीआरएम से भी मिला, किंतु उन्होंने भी कोई मदद नहीं की. सब तरफ से जब सजा में कमी रियायत नहीं मिलती दिखी तो आज 12 अगस्त रविवार की शाम को जबलपुर स्टेशन से ट्रेन संख्या 12189 जबलपुर-हजरत निजामुद्दान महाकोशल एक्सप्रेस जैसे ही यार्ड से गुजर रही थी, तभी अचानक हैरीसन जॉन इंजिन के सामने कूद गये, जिससे उनका शरीर दो टुकड़ों में बंट गया और तत्काल ही मौत हो गई।

कटनी रनिंग रूम में 150 चादरें जलाने का था आरोप
बताया जाता है कि लगभग डेढ़ साल पहले हैरीसन जॉन पर आरोप लगा था कि उन्होंने शराब के नशे में कटनी रनिंग रूम में 150 चादरों में आग लगाकर रेलवे को नुकसान पहुंचाया. इस मामले की जांच की गई तो लोको इंस्पेक्टर ने अपनी रिपोर्ट में उसे दोषी बताते हुए अपनी रिपोर्ट सीनियर डीईई टीआरओ सुरेन्द्र यादव को दी, जिसके बाद श्री यादव ने बगैर उसका पक्ष सुने सीधे ही आरोपी घोषित कर दिया और मेल लोको पायलट से कई पद नीचे जबलपुर में शंटर बना दिया. यही नहीं इसके अलावा इसी घटना के कारण दूसरी सजा यह दे डाली जिसमें उसका बेसिक 66000 रुपए से घटाकर सीधे 35400 रुपए कर दिया. इतना बड़ा दोहरा दण्ड हैरीसन जॉन सहन नहीं कर सका और उसने आत्महत्या कर ली.

150 चादरें जल गई, किसी को पता नहीं लगा
कटनी के रनिंग रूम में 150 चादर जलाने के आरोप में इस कर्मचारी को कठोर दण्ड दिया गया था, उस घटना में काफी खामियां सामने आयी हैं. आश्चर्य की बात यह है कि रनिंग रूम में 150 चादरें इस कर्मचारी ने जला दी, उसे किसी ने नहीं देखा, न ही रेल प्रशासन ने फायर ब्रिगेड को ही सूचना दी, न ही रनिंग रूम में लगे अग्निश्मन यंत्रों का ही उपयोग किया गया, ऐसे में यह पूरी घटना ही संदिग्ध मानी जाती रही, लेकिन 150 चादरों के गुम होने या चोरी होने का ठीकरा इस लोको पायलट पर फोड़ दिया गया.

रनिंग स्टाफ में आक्रोश, करेंगे प्रदर्शन
इस घटना की जानकारी जैसे ही रनिंग स्टाफ को लगी, वैसे ही उनमेें आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौके पर पहुंचकर रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. मौके पर आरपीएफ, जीआरपी व वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गये थे. रनिंग स्टाफ के कर्मचारी सीनियर डीईई टीआरओ पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।