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मिली चौबे बनाया भीम रोबोट, कोरोना वार्ड में पहुंचाएगा खाना
May 7, 2020 • Admin
भोपाल। कोरोना वायरस से बचाव को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगए के रायपुर अंबेडकर अस्पताल में संविदा कर्मचारी केरूपमें बायोमेडिकल इंजीनियर  के द्वारा रोबाट नामक बनाया गया है जिसे भीम नाम दिया गयाहै।यह रिमोट से संचालित किया जाकर कोरोना संक्रमितों को जरूरत का सामान पहुंचाने में सहायक होगा। वर्तमान समय जब सम्पूर्ण देश अपने घरों में है कुछ कोरोना योद्धा हैं जो न केवल इससे जंग लड़ रहे कुछ न कुछ नया कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुंचाने और स्वयं और साथियों को भी संक्रमण से बचाने का प्रयास कर रहे। ऐसे ही एक योद्धा हैं मिली चौबे, जिन्होंने अपने सहयोगी सूरज पंजाबी के साथ मिलकर इस रोबोट को बनाया है छत्तीसगढ़ रायपुर में अम्बेडकर अस्पताल की संविदा बायोमेडिकल इंजीनियर मिली चौबे ने एक रोबोट जुगाड़ से तैयार किया है जो कोरोना वार्ड में जाकर दवाएं, खाना और जरूरी सामान पहुंचाएगा। इतना ही नहीं बाहर बैठकर चिकित्सक मरीजों से टू वे कम्युनिकेशन तकनीक से बात भी कर सकेंगे।
इंजीनियर मिली ने बताया कि कोरोना के दौरान कर्मियों में भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए भीम नामक व्हीकल रोबोट तैयार किया गया है जिसमें सीसीटीवी मोबाइल और सिस्टम से कनेक्ट होकर रिमोट से कंट्रोल कर इसे वार्ड में भर्ती मरीजों को दवाई ,खाना आदि देने के लिए कहेगा इसमें लगे स्पीकर की मदद से दोनों तरफ से बातचीत भी होगी जो इसे और आसान बना देता है। भीम को बनाने में जुगाड़ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिसमें बैटरी ऑपरेटर, मीटर ड्राइव, छोटे चक्के, बैट्री फ्रेम, वायरलैस कैमरा, माइक्रोफोन, समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की जरूरत पड़ी, लेकिन लॉक डाउन होने की वजह से नया सामान उपलब्ध नहंी हुआ। जिससे जुगाड़ के सामान को उपयोग में लाया गया है। इसकी रिमोंट रेंज 200 मीटर तक होती है। इसकी क्षमता 60 किलो वजन उठाने की है। इसकी लागत 18000 रूपये आई है और इसे बनाने में 3 दिन लगे हैं। इसका परीक्षण भी कर लिया गया है। सर्वविदित है कि मिली ने अभी कुछ दिन पहले ही पुराने फ्रिज से अल्ट्रावायलेट चैम्बर, और 18 मरीजों वाले 9 आइसोलेशन वार्ड भी बनाये थे।