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मुख्यमंत्री के प्रयासों से अन्य जिले और राज्य में फंसे श्रमिकों को वापस लाने की कवायद
May 13, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

संभाग में दस हजार से अधिक श्रमिकों को वापस लाया गया,  ढाई हजार श्रमिकों को उनके गृह नगर भेजा गया

भोपाल ।  प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों और निरंतर सेवा भाव से अन्य जिलों और राज्य में फंसे श्रमिकों को वापस लाने की कवायद जारी है । संभाग में अब तक 10 हजार से अधिक श्रमिकों को वापस गृह नगर लाया गया है, वहीं 2759 श्रमिकों को जिला प्रशासन द्वारा लगभग 100 से अधिक बसों के माध्यम से उनके गृह नगर भेजा जा चुका है । इन श्रमिकों को भोजन, राशन सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई जिससे इनको किसी प्रकार की परेशानी का सामना नही करना पड़े । साथ ही लगभग 250 चिकित्सकों द्वारा इन श्रमिकों की थर्मल स्क्रींनिंग सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच कराई गई है।  जिले में अब तक 2520 श्रमिकों को भोपाल जिले और 666 श्रमिकों को बस और रेल परिवहन के माध्यम से अन्य राज्यो के लिए भेजा गया है । वहीं 200 से अधिक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को लगभग 25 बसों के माध्यम से कश्मीर और लद्धाख भेजा गया है । वही जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से इन सभी को मास्क और सैनेटाइजर भी उपलब्ध कराए गए हैं । 

रायसेन जिले में अब तक 2340 श्रमिकों वापस लाया गया हैं । वहीं जिले में रूके अन्य राज्यों के 1310 श्रमिकों को 60 से अधिक बसों से उनके गृह नगर भेजा गया है । जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों को राहत उपलब्ध कराने के लिए 22 राहत शिविर लगाए गए जिनमें 1870 प्रवासी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराए जाने सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही रायसेन से अन्य जिलों के 5987 श्रमिकों को 76 बसों के माध्यम से अन्य जिलों में उनके गृह नगर भेजा जा चुका है।

 सीहोर जिले से अब तक 783 श्रमिकों की वापसी कराई जा चुकी है । इनमें गुजरात के 186, महाराष्ट्र के 22, राजस्थान के 499 श्रमिकों को रेल और बस परिवहन के माध्यम से इनके गृह जिलों में भेजा गया है । इसी प्रकार उज्जैन जिले के 26 श्रमिकों को उनके निवास स्थान पर भेजा जा चुका है । सीहोर जिले के अन्य राज्यों व जिलों में लॉक डाउन के दौरान फंसे हुए 510 श्रमिकों को सीहोर वापस लाया जा चुका है । 

राजगढ़ जिले में अन्य राज्यों से अब तक 1336 श्रमिकों को विभिन्न परिवहन के माध्यमों से राजगढ़ लाया  गया है । इनमें महाराष्ट्र से चार, तेलंगाना से 7, राजस्थान से 353 और गुजरात से 972 श्रमिकों की वापसी कराई जा चुकी है।

विदिशा जिले के राजस्थान में फंसे 1060 मजदूरो को 19 बसों से विदिशा लाया गया है,  जिले से 78 श्रमिको को दो बसो के द्वारा झांसी भेजा गया वहीं विदिशा में रूके हुए प्रदेश के अन्य जिलो के 20 हजार श्रमिको को विभिन्न साधनो से नियमानुसार अनुमति के साथ उनके गृह जिलो तक पहुंचाया गया है। विदिशा सीमा से पैदल गुजर रहे विभिन्न जिलो के श्रमिको को यात्री वाहनो द्वारा उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है।

 वहीं कईं श्रमिकों ने इस लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों और जिलों में फंसे होने पर अपने अपने अनुभव भी साझा किए । इनमें कमलेश और उनका परिवार ने बताया कि वह गुजरात में कार्य कर अपनी आजीविका चलाता है, इस लॉक डाउन के दौरान सभी कारखाने बंद हो जाने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई और वह परिवार का भरण पोषण करने में असमर्थ हो गया तब प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा अंतर्राज्यीय श्रमिक स्पेशल ट्रेन के माध्यम से वह अपने गृह नगर पहुंच रहा है ।

 इसी प्रकार भोपाल में कार्य कर रही श्रमिक  खलीफू निसा अपने परिवार के साथ भोपाल में रहकर चटाई बनाने का कार्य करती थी और अपनी आजीविका चलाती थी उन्हें भी  उत्तरप्रदेश सुल्तानपुर जिला प्रशासन द्वारा बस के माध्यम से भेजा गया, वह बस में बैठते समय बहुत प्रसन्न थी और मुख्यमंत्री सहित जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमें गृह नगर भेजा जा रहा है ।
 
 विदिशा जिले की आकांक्षा सिंह ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह इस लॉकडाउन के दौरान अपने गृह नगर नहीं जा पा रही थी । जिला प्रशासन के सहयोग से वह अपने घर जा रहीं हैं । वही मयूर सोनी बताते हैं कि वह एसएटीआई कालेज में अध्ययनरत हैं, जिला प्रशासन के सहयोग से अब वह अपने घर जा रहे हैं, वह मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देते हैं । 

 रायसेन जिले में मजदूरी करने आए जबलपुर निवासी परवेश, शिवम, वीर सिंह, ननका सिंह ने बताया कि वह लॉक डाउन के दौरान रायसेन में फंस गए थे, अब वह शासन प्रशासन के सहयोग से पुन: घर वापस जा रहे है, इसके लिए वह शासन प्रशासन का आभार भी व्यक्त कर रहे हैं । मुख्यमंत्री श्री चौहान के इन प्रयासों और जनता के प्रति प्यार से शासन और प्रशासन के प्रति आम लोगों का विश्वास तो बढ़ा ही है वही इन कार्यों से अन्य राज्यो में फंसे हुए श्रमिकों के चेहरे पर हंसी और मुस्कुराहट भी साफ नजर आई हैं, जो मुख्यमंत्री श्री चौहान की प्रयासों का नतीजा है।