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नागरिकों से सांची दुग्ध संघ के उत्पाद अपनाने की अपील
August 31, 2020 • Admin

साँची दूध की शुद्धता शत-प्रतिशत, कई चरणों में होती हैं जाँच

 भोपाल । संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत ने दूध की चोरी एवं मिलावट को रोकने के लिये दुग्ध संघ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में औचक टीम (फ्लाइंग स्काड) व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाये। दुग्ध संघ के विभिन्न विभागों के दो-दो अधिकारी स्तर की 3 टीमें गठित कर प्रत्येक टीम को सप्ताह में दो बार दूध टेंकरों और दुग्ध शीत केन्द्रों का औचक निरीक्षण का दायित्व सौंपा जाये जिससे दूध की चोरी और मिलावट को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाये। श्री कियावत के निर्देश के बाद दुग्ध संघ के सीईओ श्री के.के.सक्सेना ने बताया कि दूध चोरी एवं मिलावट की रोकथाम के लिए भोपाल सहकारी दुग्ध संघ द्वारा पूर्व से ही सख्त और ठोस कदम उठाये जा रहे है जिसके अनुकूल परिणाम प्राप्त हुये है। जिससे दूध चोरी एवं मिलावट की घटनाओं को काफी हद तक रोका गया है। दुग्ध शीत केन्द्रों, बीएमसी समितियों से आ रहे दूध के प्रत्येक टैंकर के साथ दुग्ध संघ के प्रतिनिधि आ रहे है तथा उनके समक्ष ही संयंत्र की लेब में परीक्षण जारी है। समस्त बल्क मिल्क कूलर्स मार्गो पर चल रहे टैंकर के साथ गुण नियंत्रण शाखा से प्रशिक्षित टेस्टर चल रहे है, जो कि मार्ग की प्रत्येक बी.एम.सी. समिति पर दूध की जांच कर टैंकर में दूध भरकर संयंत्र तक ला रहे है। अंतिम बीएमसी पर टैंकर की गुणवत्ता जांच समिति सचिव, टेस्टर, टैंकर चालक एवं पर्यवेक्षक की उपस्थिति में लगाया जाना प्रारंभ किया गया है, जो अपमिश्रण के प्रकरणों को रोकने में सहायक होगा। गुण-नियंत्रण शाखा में तीनों पारियों में केवल नियमित कर्मचारियों, अधिकारियों के द्वारा ही दूध का परीक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक बीएमसी समिति जिनका दुग्ध संकलन 100 किलोग्राम प्रतिदिन से अधिक है उन समस्त समितियों में डेलमास स्ट्रिप/एडलट्रेशन डिटेक्षन किट, यूरिया, सुक्रोस, ग्लूकोज, न्यूट्रेलाइजर, माल्टोस आदि की जांच हेतु प्रदाय की गई है एवं नमक के अपमिश्रण की जांच हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदाय सॉल्यूशन का उपयोग किया जा रहा है। दुग्ध शीत केन्द्रों एव बी.एम.सी. समितियों से परिवहन कर मुख्य संयंत्र तक परिवहन हेतु प्रत्येक टैंकर की 24 घण्टे जी.पी.एस. मानीटरिंग केवल नियमित कर्मचारियों के द्वारा की जा रही है एवं प्रबंधक स्तर के अधिकारी को सम्पूर्ण कार्य की मानीटरिंग की जवाबदारी सौपी गई है। समस्त दुग्ध समितियों में अपमिश्रण किट प्रदाय कर, अपमिश्रण परीक्षण कराया जा रहा है। मुख्य संयंत्र की प्रयोगशाला में आधुनिक मशीन मिल्को स्क्रीन की स्थापना की जाकर परीक्षण किया जा रहा है। दुग्ध शीत केन्द्र एवं बी.एम.सी.से दूध परिवहन कर मुख्य संयंत्र पर आ रहे प्रत्येक टैंकर का सेम्पल गुण नियंत्रण शाखा के नियमित कर्मचारी, संयंत्र शाखा के नियमित कर्मचारी एवं सुरक्षा अधिकारी के समक्ष लिया जा रहा है। बी.एम.सी. एवं शीत केन्द्रों से दूध लेकर आने वाले प्रत्येक टैंकर का परिचालन समय का अंतिम समय रात्रि 10.00 बजे निर्धारित किया गया है, विशेष परिस्थितियों में ही टैंकर्स उक्त समय उपरांत संयंत्र में प्रवेश कर रहे है। जिसकी मानीटरिंग सख्ती से टैंकर संचालन अधिकारी द्वारा की जा रही है। इससे टैंकर परिचालन समय में कमी आई है।
दुग्ध समितियों का भुगतान प्रत्येक माह 7, 17 एवं 27  तारीख को पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसानों का संघ के प्रति विश्वास बढा है। नये टैंकर्स संचालन से पूर्व जीपीएस बॉक्स, सर्विस इंजीनियर से इंस्टॉल कराने व सिस्टम पर चालू होने पर ही टैंकर चालन हेतु गेट पास दिये जाते है। सभी टैंकर जीपीएस प्रमाणित होने पर ही संचालित किये जाते है। टैंकर्स रास्ता जाम होने, अधिक बारिश होने से पुल ब्लॉक होने या टायर पंचर या अन्य तकनीकी खराबी के कारण रूकते है तो जीपीएस मॉनीटरिंग से तुरंत ही दूरभाष पर टैंकर चालक से टैंकर रोकने का कारण पूछते है एवं संबंधित शीत केन्द्र स्टाफ से चर्चा की जाती है और टैंकर के रुकने, तकनीकी कमी या टायर पंचर का सत्यापन जैसे फोटो, वीडियों आदि मंगाए जाते है। माह दिसम्बर 2019 के बाद से सील की गुणवत्ता में सुधार होने, टैंकर्स का दिन के समय ही संचालन होने, टैंकर में संघ का स्टाफ चलने व 24 घंटे जीपीएस मॉनीटरिंग होने से टैंकरों के संचालन में सुधार परिलक्षित हुआ है। दूध की मात्रा, गुणवत्ता, टैंकर सील की स्थिति, संचालन समय की स्थिति तुरंत कम्प्यूटर मानीटर पर देखी जा रही है । ई.आर.पी. साफ्टवेयर के द्वारा मात्रा एवं गुणवत्ता में अंतर का भी विश्लेषण किया जा रहा है। बीएमसी समितियों के दूध के सैम्पल सुरक्षित लाने एवं गुण नियंत्रण शाखा में टेस्ट करने की प्रक्रिया को प्रारंभ किया गया है, जिससे दूध की गुणवत्ता में सुधार एवं अपमिश्रण रोकथाम में अपेक्षित परिणाम परिलक्षित हो रहे है।