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नई शिक्षा नीति नव भारत के निर्माण के लिए क्रांतिकारी कदम। :प्रताप
August 11, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

कौशल विकास के लिए उच्च शिक्षा में शोध की बढ़ेगी संभावनाएं

भोपाल। भारत यूथ फोरम, द्वारा राष्ट्र सर्वोपरि के भाव से सात दिवसीय यंग संवाद के पहले दिन 'नवीन शिक्षा नीति एवं मूल्यबोध' विषय पर नेहरू युवा केंद्र संगठन, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय,भारत सरकार में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के सदस्य, शिक्षाविद् सतरूद्र प्रताप (लखनऊ) ने फेसबुक लाइव के माध्यम से अपने विचार रखे।

श्री प्रताप ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य मनुष्य के स्वभाव की पूर्ण अभिव्यक्ति और विकास की पूर्ण संभावना तथा सक्षमता को आगे लाना होता है। इसके द्वारा मनुष्य का शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास होता है जबकि इससे प्राप्त सक्षमता बौद्धिक और भावनात्मक दोनों स्तर पर दिखाई देती है। नई शिक्षा नीति भारत को विश्व के शीर्ष पर ले जाने के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। नवीन नीति में प्रारम्भिक शिक्षा मातृभाषा में देने का निर्णय सराहनीय है। यह छात्र-छात्राओं के नैसर्गिक विकास को पंख लगाने सरीखा निर्णय है। उन्होंने आगे बताया कि इस शिक्षा नीति में स्किल के साथ शोध के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने से दूरगामी परिणाम सकारात्मक होंगे। प्रधानमंत्री जी के कहे अनुसार हम चुनौतियों को स्वीकार करेंगे और आगे बढ़ेंगे। उन्होंने भारत के परिप्रेक्ष्य में कहा कि भारत दुनिया का एक खूबसूरत देश इसलिए है,क्योंकि यह संपूर्ण मानव जाति का शिक्षालय है। यहां हम जीवन जीने की कला प्रकृति के साथ एकाकार होते हुए सीखते हैं।पशु, पक्षी, नदी, तालाब, कीट,पतंगे,धरती, आकाश, पाताल सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सीख देते हैं।
क्षेत्रीय भाषाओं के साथ राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलेगा,नवीन शिक्षा नीति नव भारत की संकल्पना को साकार करते हुए एक भारत - श्रेष्ठ भारत के लिए क्रांतिकारी निर्णय होगा।राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षा की पहुँच, समानता, गुणवत्ता, वहनीय शिक्षा और उत्तरदायित्व जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है। तकनीकी शिक्षा, भाषाई बाध्यताओं को दूर करने, दिव्यांग छात्रों के लिये शिक्षा को सुगम बनाने आदि के लिये तकनीकी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया है। इस शिक्षा नीति में छात्रों में रचनात्मक सोच, तार्किक निर्णय और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। वहीं प्रारंभिक शिक्षा को बहुस्तरीय खेल और गतिविधि आधारित बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

खेल खेल में सीखेंगे बच्चे- 

प्राथमिक और प्रारंभिक शिक्षा का मूल उद्देश्य बच्चों में समझ विकसित करना है, एक रटी रटाई परिपाटी से हटकर बच्चे खेल- खेल में शिक्षा ग्रहण करेंगे।

संवाद में आज  

संवाद में आज राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित युवा सरपंच भक्ति शर्मा 'सरपंची के बदलते मायने' विषय पर अपने विचार रखेंगी।