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नरवाई न जलाएं - पर्यावरण बचाएं, कलेक्टर ने किसानों से की अपील
November 6, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

 

भोपाल । कलेक्टर अविनाश लवानिया ने किसानों से अपील की है कि नरवाई जलाना ना केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है अपितु हमारी जो जमीन है उसके लिए भी हानिकारक है। नरवाई जलाने से हमारी जमीन में जो पोषक तत्व है उनको बचाने के लिए जो कीट होते हैं वे सभी मर जाती हैं जिससे जो हमारी उपजाऊ जमीन है वह उतनी उपजाऊ नहीं रह जाती है। जितनी वह नरवाई जलाने से पहले होती है और इससे धीरे-धीरे हमारी खेती पर भी प्रभाव पड़ता है और हमारी फर्टिलाइजर कि जो खाद है उसकी आवश्यकता बढ़ती जाती है। मेरा सभी किसान भाइयों से यह अनुरोध है कि हम लोग नरवाई को किसी भी कीमत पर नहीं जलाएं। हम लोग रोटा बेटर के माध्यम से या अन्य उपायों के माध्यम से सुनिश्चित करें कि नरवाई किसी भी कीमत पर ना जलाएं।   

  प्रदेश में धान एवं गेहूँ मुख्य फसल के रूप में ली जा रही है। फसलों की कटाई मुख्य रूप से कम्बाइंड हार्वेस्टर के माध्यम से की जाती है। कटाई के उपरांत फसलों की नरवाई में आग लगाने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है साथ ही पर्यावरण भी गम्भीर रूप से प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि फसलों की कटाई में उपयोग किये जाने वाले कंबाईन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के उपयोग को अनिवार्य किया जाना आवश्यक है। गेंहू की नरवाई से कृषक भूसा प्राप्त करना चाहते है। कृषकों की मांग को देखते हुए स्ट्रा मैनेजमेण्ट सिस्टम के स्थान पर स्ट्रा रीपर के उपयोग को अनिवार्य किया जाएगा। अर्थात् कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस अथवा स्ट्रा रीपर में से कोई भी एक मशीन साथ में रहना अनिवार्य रहेगा।