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नर्सिंग का रिजल्ट इस माह नहीं आया तो विश्वविद्यालय का नही नर्सिंग कॉलेजों का विरोध करेगी एनएसयूआई
August 14, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

विद्यार्थियों के साथ मिलकर नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश ओर मान्यता का विरोध करेंगे -: रवि परमार*

भोपाल । मध्य प्रदेश में लगातार नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट आ रही है लेकिन उसके बावजूद सरकार के साथ-साथ नर्सिंग काउंसलिंग ओर नर्सिंग कॉलेज भी नर्सिंग माफियाओं को बढ़ावा दे रहे हैं जिसका प्रभाव नर्सिंग की शिक्षा पर अत्यधिक पड़ रहा है।
एनएसयूआई मेडिकल विंग अब नर्सिंग कॉलेजों की मनमानी और अनिमितताओं के खिलाफ विद्यार्थियों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी जिसमें मध्यप्रदेश की राजधानी से लेकर ग्रामीण इलाकों  में नर्सिंग कॉलेजों की मनमानी और अनियमितताओं को सामने लाने के लिए जल्द अभियान चलायेगी। एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार का आरोप है कि नर्सिंग कॉलेजों की मनमानी के चलते मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का यह हालात हो चुके हैं कि 4 साल का कोर्स  6 से 7 साल में पूर्ण हो रहा है और यहां सिर्फ नर्सिंग के छात्र छात्राओं से अत्यधिक पैसे ऐंठने के लिए किया जा रहा है । जानकारी के मुताबिक एमएससी नर्सिंग की परीक्षा पिछले वर्ष दिसंबर में हुई थी लेकिन नर्सिंग कॉलेजो की लापरवाही के कारण अभी तक कई कॉलेजों की प्रायोगिक परीक्षा नहीं हुई जिससे कि सभी कॉलेजों का परीक्षा परिणाम रुका हुआ है जिसके कारण छात्र छात्राओं का एक से 2 साल बर्बाद हो चुका है । वही हालात बीएससी नर्सिंग के हैं जिसका कोर्स 4 वर्ष का होता है लेकिन छात्र छात्राओं के 4 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी अंतिम वर्ष की परीक्षा ना होना तृतीय वर्ष का परिणाम जारी ना होना जैसी अनियमितताएं नर्सिंग कॉलेजों में फैल रही है जिससे छात्र-छात्राओं का समय और पैसा बर्बाद दोनों बर्बाद हो रहा है
रवि परमार ने नर्सिंग कॉलेजों पर खुद के अस्पताल ना होने का आरोप लगाते हुए कहां की कई नर्सिंग कॉलेज ऐसे है जिन का अस्पताल सिर्फ कागजों में ही है और कहीं ऐसे कॉलेज है जिनके पास अस्पताल तो है लेकिन कभी मरीज भर्ती नहीं किए गए जिससे छात्र छात्राओं को पूर्ण प्रशिक्षण नहीं मिल पाता उसी वजह से अप्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की बढ़ोतरी ज्यादा हो रही है 
परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रैक्टिकल करवाने हेतु नर्सिंग कॉलेजों को ईमेल के माध्यम से सूचना दी गई थी लेकिन कई नर्सिंग कॉलेजो ने  प्रैक्टिकल करवाने से यूनिवर्सिटी को मेल कर साफ इंकार कर दिया एवम् जिसकी  कॉलेज प्रशासन  विद्यार्थियों को कोई जानकारी भी नहीं दी ईधर विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं जिन कॉलेजों ने प्रैक्टिकल करवाने से इनकार किया है उनकी जानकारी सूचना का अधिकार  अधिनियम ( RTI ) के अंतर्गत मांगी गई है जैसे ही जानकारी प्राप्त होगी उन कॉलेजों के खिलाफ छात्र- छात्राओं के साथ एनएसयूआई मेडिकल विंग मोर्चा खोलेगी |