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नौकरी से निकालने किया जा रहा है प्रताडि़त, बिना आरोप के कंपनी से किया बाहर
June 4, 2020 • Admin

कुरलॉन इंडस्ट्रीज ने माँगा था इस्तीफा, नहीं दिया तो किया कर्नाटक स्थानांतरण

भारत एवं प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशों के विरुद्ध तृतीय श्रेणी कर्मचारी का स्थानान्तर किया कर्नाटक

भोपाल। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर भिणड में कुरलॉन इंडस्ट्रीज के द्वारा वर्षोँ से नियमित कार्यरत कर्मचारियेां को नौकरी से निकालने के उद्देश्य से कर्नाटक स्थानांतरण किया गया है। जबकि भारत सरकार व प्रदेश सरकार के आदेश हैं कि कोरोना महामारी के दौरान किसी भी कर्मचारी को नोकरी से ना ही निकाला जा सकता है और ना ही स्थानांतरण किया जा सकता है। देश में कोरोना महामारी का दौर चल रहा है जिससे देश में विगत तीन माह से लॉक डाउन घोषित किया हुआ है। जिससे भारत सरकार के दिशा निर्देश कि कोई भी उद्यौग या कम्पनी महामारी के चलते किसी कर्मचारी को नौकरी से न निकाले और न प्रताडि़त करे। लेकिन सरकार के दिशानिर्देशों के विरुद्ध कुरलॉन कम्पनी मालनपुर जिला भिण्ड नें कर्मचारियों की छटनी प्रारंभ कर दी है। विगत दिनों प्रवंधन ने 8 आठ कर्मचारियों से जबरन सेबा पृथक करने का दबाव डालकर इस्तीफा मांगा था। $कुरलॉन कम्पनी के जीएम रवि प्रसाद के द्वारा वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिये कर्मचारियों को प्रलोभन दिये गए। जब कर्मचारी इनके प्रलोभन के उपरांत तैयार नहीं हुए तो 7 कर्मचारियों को धमकी देकर इस्तीफा ले लिया। आठवें कर्मचारी कर्मचारी रामनरेश मिश्रा सीनियर इलेक्ट्रीशियन ने इस्तीफा नहीं दिया तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी देकर भगा दिया। जबकि उक्त कर्मचारी के खिलाफ कोई दुराचरण या शिकायत नहीं मिली। उसके बावजूद 26 मई 2020 को कुरलॉन इंडस्ट्रीज मालनपुर भिण्ड से अरिकेश फेक्ट्री हासन कर्नाटका स्थानांतर का आदेश ई मेल से जारी कर 1 जून को कर्नाटका में उपस्थिति देने का आदेश दे दिया। यह कार्यवाही कर्मचारी को परेशान कर नौकरी से भगाने के षडय़ंत्र के तहत की गई है। मप्र राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के प्रदेश सचिव प्रवेश मिश्रा ने कहा है कि कुरलॉन इटरप्राइजेज मालनपुर भिण्ड की कार्यवाही. कोबिड-19 कोरोना महामारी के बीच सरकार के दिशा निर्देशों के विरूद्ध है। जहां भारत सरकार एवं राज्य सरकारें देश के मजदूरों को करोड़ो रुपये खर्च कर यात्रा एवं भोजन की व्यवस्था करते हुये नि:शुल्क स्पेशल ट्रेन एवं बस चलाकर घर पहुँचाने का काम कर रहीं हैं वही कुरलॉन इंटरप्राइजेज मालनपुर के मालिक एवं प्रबंधन तानाशाही एवं बर्बरता दिखाते हुये सरकारी दिशा निर्देशों के विरुद्ध छटनीं के नाम पर मजदूरों का शोषण कर रहा है। श्री मिश्रा ने कहा कि सरकार ने यदि हस्तक्षेप नहीं किया तो कुरलॉन 30 कर्मचारियों को बाहर कर देगी। श्री मिश्रा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रभारी मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, प्रमुख सचिव श्रम, श्रमायुक्त मप्र से तुरंत हस्तक्षेप कर रामनरेश मिश्रा का स्थानांतर निरस्त कराने और इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों को वापस काम पर लेने की मांग करते हुये कम्पनी को राष्ट्रीय आपदा में कर्मचारियों से रोजगार छीनने के अपराध में कार्यवाही करने का आग्रह किया है।