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न्यायाधीशों के स्थानांतरण पर लगे रोक,सरकार के बचेंगे करोड़ों रूपये
April 10, 2020 • Admin
स्थानांतरण से न्यायाधीश हो सकते हैं कोरोना वायरस से संक्रमित
प्रदेश सरकार को भी मिलेगी आर्थिक राहत
भोपाल। कोरोना वायरस के दौरान मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के द्वारा मार्च माह में प्रदेश के अधिकतम जिलों के न्यायाधीशों के स्थानांतरण किए थे जिससे प्रदेश सरकार पर करोड़ों रूपये के राजस्व का भार पड़ रहाहै। स्थानांतरण रोकने से इस भार को रोक कर कोराना की लड़ाई में उपयोग किया जा सकती है, वहीं सरकार को आर्थिक से राहत मिलेगी।  
वर्तमान में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के द्वारा करीब 290 न्यायाधीशों का स्थानांतरण किया गया है। यद्यपि उक्त स्थानांतरण को अभी रोक दिया गया है। वर्तमान में पूरा विश्व कोरोनावायरस से संक्रमित बीमारी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है इससेपूरा देश व राज्य भी अछूता नहीं रहा है। पूरे प्रदेश में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है और दिनोंदिन संख्या में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए यह भी प्रकट हो रहा है कि इस समस्या का अभी कोई तात्कालिक हल ढूंढा नहीं जा सका है बल्कि लोगों के यहां वहां आने जाने से संपर्क में आने से यह बीमारी और बढ़  रही है और तीन-चार माह में भी इस संक्रमण को पूर्ण रूप से रोका जाना संभव नहीं है। इन परिस्थितियों में जिन न्यायाधीशों का स्थानांतरण हुआ है उन्हें अपने सामान की पैकिंग करवानी होगी। इसके लिए पैकर्स को बुलाना पड़ता है पैकर्स मिलने की संभावना नहीं है पैकिंग की कई सामान की आवश्यकता हैजिसे अलग अलग स्थानों से इक_ा करना होता है फिर बस ट्रेन के माध्यम से यात्रा करके जाना होता है। वापस आकर सामान व परिवार सहित उसे उस स्थान में सर्किट हाउस या रेस्ट हाउस में जाकर रुकना होता है। वहां भी कई लोगों से उसके संपर्क होते हैं तब कहीं जाकर नया घर मिलता है। वहां भी अपने सामान को व्यवस्थित करने कि दौरान कई लोगों के संपर्क में आने से इंकार नहीं किया जा सकता है। एैसी महामारी के चलते 290 न्यायाधीशों के एक स्थान से दूसरे स्थान आवागमन के दौरान कोरोनावायरस से संक्रमित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही वर्तमान में लॉक डाउन और कफर््यू के लगातार लगे रहने के कारण देश और राज्य की अर्थव्यवस्था कमजोर हो चुकी है। वहीं न्यायाधीशों के स्थानांतरण से राज्य शासन पर 4 से 5 करोड़ का भार पडऩा है। इन परिस्थितियों में न्यायाधीशों का स्थानांतरण आवश्यक नहीं है उच्च न्यायालय निरस्त कर सकता है। यदि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ऐसा करती है तो इससे ना केवल इस कोरोना वायरस के संक्रमण से फैलने वाली बीमारी को रोकने में सहायता होगी बल्कि राज्य सरकार पर पडऩे वाले आर्थिक दबाव को रोकने से भी राज्य सरकार को सहायता प्राप्त होगी और सहयोग मिलेगा।