ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
न्यायालय ने जांच किए आदेश, सीहोर कलेक्टर के खिलाफ जांच करेगा ईओडब्ल्यू
February 9, 2020 • Vijay sharma
जप्त डंपर को बिना जुमार्ना वसूली को लेकर लगाई थी याचिका
भोपाल। अवैध रेत के खनन को लेकर कलेक्टर के द्वारा पकड़े गए डंफर पर जुर्माने का नोटिस जारी करने उपरांत बिना राशि जमा कराये छोड़ दिया गया था जिसमें भ्रष्टाचार का हवाला देकर भोपाल न्यायालय में जनहित यारिचका लगाई गई थी जिस पर न्यायालय ने सीहोर कलेक्टर क खिलाफ जांच के आदेश जारी किए हैं। भ्रष्टाचार के मामले में जि़ला कोर्ट में दाखिल एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भोपाल ने ईओडब्ल्यू को आदेश दिए हैं कि वह कलेक्टर सीहोर अजय गुप्ता और सहायक खनिज अधिकारी आरिफ खान के खिलाफ दायर की गई शिकायत की जांच कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। दरअसल भुवनेश्वर प्रसाद मिश्रा ने सीहोर कलेक्टर अजय गुप्ता और सहायक खनिज अधिकारी आरिफ खान के खिलाफ आरोप लगाया था कि उन्होंने 3 दिसंबर 2019 को बुधनी तहसील के जोशीपुर और बगवाड़ा गांव से कई डंपर वाहन रेत से भरे हुए पकड़े थे जिनका प्रस्तावित जुर्माना 5 से 10 लाख रू प्रति वाहन और 22 घन मीटर का जुर्माना 55 लाख रू था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि कलेक्टर और सहायक खनिज अधिकारी ने अवैध तरीके से जप्त किये गए एक डंपर को बिना जुर्माने के छोड़ दिया और जिस डंपर को छोड़ा गया उसके खिलाफ बाकायदा 5 से 10 लाख रू अदा करने का नोटिस दिया गया था। बावजूद इसके उसे छोड़ दिया गया। इस पूरे मामले की शिकायत भुवनेश्वर मिश्रा ने सारे कागजातों के साथ महानिदेशक ईओडब्लू की थी। कोई भी कार्यवाही ना होने पर शिकायतकर्ता ने मामला न्यायालय में लगाया जिसके बाद न्यायिक दंडाधिकारी ने ईओडब्लू भोपाल को