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प्रदेश के कोविड सेंटरों में मरीजों के मेंटल सपोर्ट के लिए मनोचिकित्सक की होगी तैनाती: स्वास्थ्य मंत्री
July 20, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

 स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने विभागीय अधिकारियों के साथ दूसरी समीक्षा बैठक की
-स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिला अस्पतालों में ट्रामा सेंटर और हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए
- डॉ. चौधरी ने कहा- हमें कोरोना के साथ वेक्टर डिसीज से भी निपटना है, फीवर क्लीनिक का प्रचार किया जाए
 
भोपाल। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने सोमवार को कोरोना महामारी को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की l डॉ चौधरी ने पूर्व  बैठक में दिए निर्देशों के पालन और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाये गये  किल कोरोना अभियान की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के सभी कोविड सेंटरों में मरीजों के लिए भोजन, उचित इलाज और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम व अस्पतालों में खाने का मैन्यू लगाना जरूरी करने के निर्देश दिए l प्रदेश के सभी कोविड सेंटरों में मरीजों के मेंटल सपोर्ट के लिए एक मनोचिकित्सक (साइकोलॉजिस्ट) की तैनाती होगी। साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए सरकारी अस्पतालों में ट्रामा सेंटर और हेल्प डेस्क भी शुरू की जाएगी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सरकार के निर्देश के अनुसार सभी कोविड सेंटरों की मॉनीटरिंग की जा रही है। अब तक 5500 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा पहुंचाई जा चुकी है। मौजूदा स्थिति में प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा बेड ऑक्सीजन सुविधा से लैस हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों के खाली पदों पर जल्द भर्ती करने के निर्देश दिए। 

मच्छरदानी के वितरण में विसंगतियों पर फटकार लगाई।इस दौरान डॉ. चौधरी ने कहा कि सीएसआर प्रोग्राम के तहत नगरीय क्षेत्र के बाहर लोग प्राइवेट अस्पताल खोल सकते हैं। सरकार इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है। हमें कोरोना के साथ-साथ बारिश के मौसम में आने वाली वैक्टर डिसीज (मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारियों) से निपटना है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस पर भी नजर रखें। फीवर क्लीनिक का प्रचार-प्रसार तेजी से किया जाए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मच्छरदानी के वितरण में विसंगतियां सामने आने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रदेश में इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम और विकेंद्रीकृत लेबोरेटरी बेस्ड सर्विलांस प्रोग्राम शुरू किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं को पल्स ऑक्सिमीटर दिए जाए और गर्भवती महिलाओं व बच्चों का वैक्सीनेशन लगातार किया जाए।