ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
पुलिस की सुरक्षा की अनदेखी, कोरोना संक्रमित से सीधा होता है सामना
April 3, 2020 • Vijay sharma
संक्रमित होने पर ना ही कोई अलग से सहायता का किया प्रावधान
भोपाल। प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमितों व जनता को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस कर्मियों की सेवाएं ली जा रही है। लेकिन उनके उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह से लापरवाह बनी हुई है। इनके लिए सुरक्षा को लेकर कोई उपकरण नहीं दिए गए हैं। 
आज कोराना वायरस के लॉकडाउन को 12 दिन हो गए हैं। पहले प्रदेश सरकार के द्वारा दो दिन का पूरे प्रदेश में लॉकडाउन करने की घोषणा की गई । उसके दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के दुनिया में आ रहे निगेटिव परिणामों को देखते हुए 21 दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गई। इस लॉकडाउन के दौरान राजस्व, स्वास्थय, नगरनिगम और पुलिस कर्मियों की सेवाएं जारी रखी गई। जबकि अन्य विभाग शासकीय व निजी क्षेत्र की कंपनियों को पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिए गए। और इस लॉकडाउन के दौरान देश ही नहीं दुनियां में कोरोना पीडि़तों के मरीजों में इजाफा होता गया। आज देश में हजारों की तादाद में इजाफा हो गया है। इस दौरान अन्य विभाग के कर्मचारियों का जनता से सीधा सामना बहुत कम ही देखने को मिला और होता भी कम है क्योंकि उन पर सुरक्षा की दायित्व नहीं होता है। पूरे देश मे ंसबसे पहले अगर कोई भी घटना या संभावित घटना का मामला सामने आता है जिला पुलिस बल को ही तैनात किया जाताहै। वही इस समय हो रहा है। लेकिन कभी भी सरकार ने उनकी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस दिशा निर्देश जारी नहीं किए हंै। वर्तमान में राजधानी में ही कोरोना  लॉकडाउन में  सेवाएं दे रहे पुलिस कर्मियों को देखने से ही पता चलता है कि सरकार उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।  आज भारत को छोड़ अन्य देशों में पुलिस को सुरक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराये गए हैं। वहीं यहां पर तो मास्क और दस्ताने उन्हें स्वयं की खरीदना पड़े हैं। जबकि उनके साथ जिस तरह से मारपीट व थूकने जैसी अन्य घटनाएं हो रही हैं।  इस स्थिति में क्या मास्क और दस्ताने कोरोना से सुरक्षा के पर्याप्त साधन है। जबकि जनता को सुरक्षा के मददेनजर घरों में रखा जा रहा है। क्या सरकार इनके स्वास्थ्य व परिवार की सुरक्षा को लेकर सजग है। और अगर सजग है तो फिर इन्हें सुरक्षा की पूरी किट क्यों नहीं  दी गई है। क्या इन्हें भी कोरोना पीडि़त होने केे बाद ही सुरक्षा के किट प्रदाय की जाएगी। कब तक सरकार इनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करती रहेगी।