ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
राज्यसभा को लेकर हलचल तेज दिग्विजय-सिंधिया की दावेदारी के बीच कुसमारिया ने भी कांग्रेस से दावा ठोका
March 1, 2020 • Vijay sharma • राजनीति
भोपाल। राज्यसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। एक के बाद एक नेता दावेदारी ठोक पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रहे है। अब दिग्विजय सिंधिया की दावेदारी के बीच विधानसभा चुनाव  के दौरान भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए दिग्गज नेता रामकृष्ण कुसमारिया ने दावेदारी ठोक कर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कुसमारिया है ऐसे समय में दावेदारी पेश की है जब कांग्रेस के दो दिग्गज नेता सिंधिया और दिग्विजय की राज्यसभा जाने की अटकलें तेज हैं। लेकिन भाजपा इस रणनीति पर काम कर रही है कि कांग्रेस को दो सीटें हासिल ही न कर पाए। 
 मार्च के अंतिम सप्ताह में होने जा रहे राज्यसभा की तीन सीटों के लिए अब दावेदारों के नाम आने शुरू हो गए हैं। मध्यप्रदेश में तीन राज्य सभा सीटें प्रभात झा , सत्यनारायण जटिया और दिग्विजय सिंह  के रूप में खाली हो रही हैं जिनमें दिग्विजय कॉन्ग्रेस और जटिया व झा बीजेपी से हैं। विधानसभा की गणित के हिसाब से इस बार दो सीटें कांग्रेस को मिलने की संभावना लग रही है।
उम्मीद की जा रही है कि मध्य प्रदेश की वर्तमान सरकार में अपने प्रभाव के चलते दिग्विजय सिंह दूसरी बार राज्यसभा के लिए भेजे जाएंगे। वही ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक भी उनके लिए लगातार राज्यसभा टिकट की मांग कर रहे हैं। इसी बीच पिछले साल फरवरी के दौरान राहुल गांधी  के सामने कांग्रेस का दामन थामने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता डा. रामकृष्ण कुसमरिया ने भी कांग्रेस के टिकट के लिए दावेदारी पेश कर दी है। एमपी ब्रेकिन्ग से बातचीत मे कुसमरिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्तमान में कोई भी जनाधार वाला नेता ऐसा नहीं है जो उनसे ज्यादा प्रभाव रखता हूं उनका बुंदेलखंड सहित पूरे मध्यप्रदेश में काफी व्यापक प्रभाव है और पार्टी यदि उन्हें राज्यसभा में भेजती है तो इसे पार्टी को बहुत लाभ होगा ।कुसमरिया का कहना है कि उनके बूते पर बुंदेलखंड में कांग्रेस ने 11 सीटें जीती हैं,  वे पिछड़े वर्ग से, पिछङे क्षेत्र बुंदेलखंड  से आते हैं इसीलिए उनको राज्यसभा में भेजा जाना चाहिए ।
कौन है कुसमारिया
रामकृष्ण कुसमारिया बीजेपी के बड़े कुर्मी नेता हैं, बुंदेलखंड इलाके में वो कई बार अलग-अलग सीटों से लोकसभा और मप्र विधानसभा में बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।  पांच बार लोकसभा और चार बार विधानसभा के सदस्य रह चुके डॉ रामकृष्ण कुसमरिया मध्यप्रदेश की शिवराज (ह्यद्धद्ब1ह्म्ड्डद्भ) सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं ।उनका सागर दमोह, पथरिया, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना में सामाजिक स्तर पर अच्छा खासा प्रभाव है ।चाहे 2008 में परिसीमन के पहले की खजुराहो लोकसभा सीट हो या फिर दमोह, पन्ना लोकसभा सीट हो, दोनों सीटों से रामकृष्ण कुसमारिया लोकसभा पहुंचे हैं।  पिछले विधानसभा चुनाव में वे दमोह व पथरिया से निर्दलीय चुनाव लड़े थे । वे जीत तो नहीं पाए लेकिन उनके कारण दोनों सीटें कांग्रेस ने बीजेपी से छीन ली ।कुसमरिया बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।डॉ. कुसमरिया चार बार विधानसभा और पांच बार लोकसभा चुनाव जीते। 2008 में विधानसभा चुनाव जीतकर वे शिवराज सरकार में कृषि मंत्री बनाए गए थे। 2013 में वे चुनाव हार गए थे।